परतातू , झारखण्ड। राजयोग मेडिटेशन प्रशिक्षक बीके रामदेव ने कहा कि नव सृष्टि स्थापनार्थ निराकार ज्योतिर्लिंग शिव बाबा ने सकार मानव तन विश्व विख्यात हीरे जवाहरातों का जोहरी दादा लेखराज को साठ वर्ष के आयु में अपना साकार माध्यम बनाये और उनका नाम प्रजापिता ब्रह्मा रखें। ब्रह्मा बाबा को निराकार परमात्मा शिव बाबा ने तीन साक्षात्कार कराये, विष्णु चतुर्भुज का,आने वाली सतयुगी सृष्टि का और पुरानी कलियुगी सृष्टि का महाविनाश का । परमात्मा शिव की श्रीमत पर मानव कल्याणार्थ कुछ ही दिनों में ब्रह्मा बाबा ने अपना तन मन धन सहित सर्वश समर्पण कर दिये। ब्रह्मा बाबा द्वारा नई सतयुगी सृष्टि स्थापना का महान गुप्त कर्तव्य प्राचीन राजयोग की शिक्षा 1936 से शुरूआत किये। कलियुग अंत और सतयुग आदि के इस महापरिवर्तन समय का नाम परमात्मा शिव पुरूषोत्तम संगम युग नाम रखे हैं। आगे उन्होंने कहा राजयोग की विद्या सीखकर जन्म जन्मांतर के लिए पुण्य कर्मों की पूंजी जमा कर सकते हैं ,अभी नहीं तो कभी नहीं।
पतरातू सेवाकेंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी रोशनी बहन ने कहा कि जनवरी माह ब्रह्मा वत्सों के लिए विशेष त्याग, तपस्या और सेवा का माह है। पूरे जनवरी माह सभी सेवाकेंद्रों पर सुबह-शाम विश्व शांति दान दिया जाता है। वर्तमान समय विश्व को शांति दान , महान दान होगा, विश्व में चारों तरफ अशांति ही अशांति है। हम सबके प्राण प्यारे अति मीठे ब्रह्मा बाबा का जीवन मानवता के लिए मिसाल है। ब्रह्मा बाबा ने सदैव नारी शक्ति को सम्मान दे आगे बढ़ाया। लाखों ब्रह्माकुमार – ब्रह्माकुमारी उनको अपना आदर्श मानते है और उनके द्वारा बताए राजयोग विद्या को जीवन में उतारी है। नि: शुल्क राजयोग ध्यान सीखने के लिए स्थानीय सेवाकेंद्र में आपका हार्दिक स्वागत है।
कार्यक्रम में बीके रीना सहित सेवाकेंद्र में आने वाले भाई बहनों ने सामूहिक मनसा शांति दान दिया और सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर परम श्रद्धेय ब्रह्मा बाबा के पद चिन्हों पर चलने का दृढ़ संकल्प लिया।





