भुरकुंडा, झारखण्ड। ब्रह्माकुमारीज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय शाखा शास्त्री चौक सेवाकेंद्र में संस्थान के साकार संस्थापक और निराकार ज्योतिर्लिंग शिव बाबा के साकार रथ प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का 57 वां श्रध्दांजली दिवस मनाया गया।
मुख्य अतिथि डाक्टर एके सिंह ने कहा कि दादा लेखराज से ब्रह्मा बाबा तक का अलौकिक जीवन कहानी अद्भूत है और लाखों लोग शिव बाबा और ब्रह्मा बाबा के श्रीमत चल कर अपना जीवन शांतिमय बना रहे हैं। हमने खुद इस पवित्र संस्था का मुख्यालय जाकर गहन शांति का अनुभव किया है। हरेक को यहां आकर गहन शांति का अनुभव करना चाहिए।
राजयोग मेडिटेशन प्रशिक्षक बीके रामदेव ने कहा कि पिताश्री भाग्य विधाता प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ही थे क्योंकि परमात्मा शिव ही इनके माध्यम से तैंतीस वर्षों तक भाग्य बांटे और लाखों मनुष्य आत्माएं अपना भाग्य बना चुके हैं और बना भी रहे । ब्रह्मा बाबा ने इस सृष्टि पर आदर्श निर्माण किये जिन्हें वे इस धरती पर महान ऋषि रहे और सर्वश्रेष्ठ कर्मातीत अवस्था को प्राप्त कर फरिश्ता बन गये।आज भी वे मानव कल्याण का महान कार्य कर रहे हैं। हम सभी को भी उनके समान नारी सम्मान, समदृष्टि, मृदुभाषी,शुभ भावना , शांति, प्रेम और त्याग अपने जीवन में उतारना चाहिए।
भुरकुंडा सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी रोशनी बहन ने कहा जनवरी मास प्रत्येक ब्रह्मा-वत्स के लिए अंतर्मुखी व एकांतवासी बनने का समय होता है। यह जनवरी माह बहुत कुछ प्रेरणाएं लेकर आता है और वरदान देकर चला जाता है। जो राजयोगी विद्यार्थी इस समय का पूर्ण लाभ उठाते हैं, वे स्मृति स्वरूप होकर ब्रह्मा बाबा समान सर्व गुण संपन्न बन जाते हैं । आगे उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास रोज करने से कर्मों में कुशलता आतीं है, और हमारे कर्म दिव्य बना जाते है। मेडिटेशन को हम कर्म करते भी कर सकते हैं और जीवन में सुख शांति आनंद प्रेम ज्ञान और शक्ति का अनुभव कर सकते हैं।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बीके रीना,विजय सिंह सहित सेवाकेंद्र में आने वाले भाई बहनै उपस्थित थे। सभी ने ब्रह्मा बाबा के पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।





