हाथरस, उत्तर प्रदेश। प्रजापिता ब्रहमाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अलीगढ रोड स्थित आनन्दपुरी कालोनी सहज राजयोग केन्द्र की संचालिका बी.के. शान्ता बहिन का 26 वाँ समर्पण दिवस सादगी से मनाया गया।
इस अवसर पर रामपुर केन्द्र संचालिका बी.के. मीना बहिन ने कहा कि परमपिता परमात्मा शिव तो सभी के माता – पिता हैं ही लेकिन उनकी श्रीमत पर चलकर जनमानस में सद्गुणों का प्रादुर्भाव कराने की सेवा पर तत्पर शान्ता दीदी ने हमें माँ का वात्सल्य दिया है। अपना जीवन चंदन की तरह मँहकाकर सभी को गुणदान किया है।
बालिका पूजा बहिन‚ लक्ष्मी बहिन‚ सृष्टि बहिन ने ʺखुशियाँ और प्यार लाया है बहार‘‘ ‚ जो हो गया समर्पण ईश्वर की राह पर आदि गीतो पर भावनृत्य प्रस्तुत किये।
इससे पूर्व गीतों की मधुर ध्वनि के मध्य बाी.के. मीना बहिन‚ बी.के. दुर्गेश बहिन‚ बी.के. वन्दना बहिन‚ बी.के. उमा बहिन‚ बी.के. कोमल बहिन आदि बहिनोें ने चुनरी ओढाकर एवं माल्यापर्णण कर बी.के. शान्ता बहिन का सम्मान किया।
ज्ञात हो कि बी.के. शान्ता बहिन ने अपने सैनिक पिता कैप्टन अहसान सिंह से प्रेरित होकर ब्रहमाकुमारीज संगठन चुना और आज वे जनपद सहित अनेक राज्यों में संगठन की मेरा भारत नशामुक्त भारत अभियान ‚ सहज राजयोग दर्शन की शिक्षाओं के प्रसार में ब्रहमावत्सों की कर्मठ टीम के साथ सक्रिय हैं।
प्रातःकालीन राजयोग सत्र में अपने सम्बोधन में बी०के० शान्ता बहिन ने कहा कि शिव परमात्मा की श्रीमत है कि हम सभी विश्व को दैवयुग बनाने की सेवा पर तत्पर सेवक हैं‚ सेवाधारी हैं। चलते फिरते कर्म करते परमात्मा की स्मृति से सदगुण आयेगे और पापकर्म के संस्कारों का नाश होगा। उन्होंने बताया यूं तो पिता के साथ ही संगठन की सेवाओं पर बचपन से ही समर्पित हो गये लेकिन ऑपचारिक समर्पण आज से 26 वर्ष पूर्व प्रयागराज के कुम्भ मेले में हुआ था।
इस अवसर पर उपस्थित बी.के. मीना बहिन औ र समस्त ब्रहमावत्सों ने शुभकामनाये दीं और दीर्घायु की कामना की। बी.के.दुर्गेश बहिन ने संचालन किया।
हाथरस: बी.के. शान्ता बहिन का समर्पण दिवस सादगी से मनाया गया सद्गुणों को धारण कराने की सेवा ही परमात्म सेवा है … मीना बहिन
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