विष तोड़क पर्व भी कहा जाता है शिवरात्रि को – बीके आशा दीदी
– शिव ध्वज फहराकर सबने की बुराइयों से मुक्त होने की प्रतिज्ञा
भोरा कलां हरियाणा। ब्रह्माकुमारीज़ के बहोड़ा कलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में महाशिवरात्रि का पावन पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। 90 वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती के अवसर पर शिव ध्वज फहराया गया। शिव ध्वज के नीचे सबने बुराईयों से मुक्त होने की प्रतिज्ञा की। केक काटकर भी शिवरात्रि की खुशियाँ मनाई गई। इस अवसर पर सभी ने एक दूसरे को बधाइयां दी। सभा को संबोधित करते हुए ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी बीके आशा दीदी ने कहा कि शिवरात्रि को विष तोड़क पर्व भी कहा जाता है। क्योंकि परमात्मा शिव ही मनुष्य आत्माओं को विषय विकारों से मुक्त करते हैं। सभी धर्मों के लोग परमात्मा शिव को ज्योति अथवा प्रकाश के रूप में मानते हैं। देशकाल एवं भाषा के अनुसार शिव के नाम अलग-अलग हैं लेकिन रूप एक ही है। उन्होंने कहा कि परमात्मा शिव को ही सत्यम शिवम सुंदरम कहा जाता है। सभी के नाम शरीर पर आधारित हैं। लेकिन शिव का नाम अनादि-अविनाशी ज्योति स्वरूप पर है। गीत-संगीत एवं काव्य के माध्यम से भी परमात्मा शिव के गुणों की महिमा की गई। कार्यक्रम में काफी संख्या में संस्थान के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।







