बैतूल ,मध्यप्रदेश : जहां तक नजर जाती सैकड़ों सफेद वस्त्रधारियों के हाथों में पीले और लाल रंग के दूर से आकर्षित करते शिव ध्वज, शिव नाम की स्वर लहरियों में गूंजते आध्यात्मिक गीत जैसे कानों को ही नहीं मन को भी सुकून दे रहे थे और दिखाई दे रहे थे सुंदर रथ पर विराजमान शिवभोलनाथ के द्वादश ज्योतिर्लिंग और देवी देवताएं जिनके दर्शन कर हर कोई नतमस्तक हुआ जा रहा था, कोई शोर नहीं कोई अव्यवस्था नहीं ऐसा लगा जैसे ये यात्रा ॐ शांति के मंत्र को साधकर जनमानस को शिवसंदेश देते हुए प्रभु दर्शन करा रही हो और सारे शहर को शिवमय करते जा रही हो। बड़े ही सुनियोजित ढंग से शिवरात्रि के पावन दिन ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित इस द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन यात्रा का भगवत्प्रेमी नगरवासियों ने दर्शन किया और इस महान पर्व पर स्वयं को धन्य अनुभव कराया। ब्रह्माकुमारीज के भाग्य विधाता भवन से निकलकर बडोरा, सदर गाड़ाघाट रोड, टिकारी, खंजनपुर, हमलापुर, भग्गु ढाना एवं गंज क्षेत्र का चक्र लगाती हुई यह यात्रा ब्रह्माकुमारीज केंद्र पहुंची । इस यात्रा के आयोजन से सभी को परमात्मा शिव के इस सृष्टि पर दिव्या अवतरण का संदेश दिया गया तथा सभी को निमंत्रित दिया गया कि वे ब्रह्माकुमारी इस केंद्र जाकर भारत में पधारे हुए शिव भगवान को पहचाने तथा उससे अपना बुद्धि योग जोड़कर वरदानों एवं शक्तियों से स्वयं को भरपूर करें। बैतूल सेवा केंद्र प्रमुख ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने बताया की भारत में परमात्मा शिव के को अवतरित हुए 90 वर्ष हो चुके हैं और संस्कार परिवर्तन से संसार परिवर्तन का परमात्म कार्य अब पूर्ण होने को है। इसी अवसर को ब्रह्माकुमारीज़ नव दशकोत्सव के रूप में मना रहा है। सृष्टि परिवर्तन को अब थोड़ा ही समय बचा है अतः शिवरात्रि का यही महत्व है कि हम सच्चा आध्यात्मिक जागरण करें और प्रभु मिलन द्वारा स्वयं के जीवन को भी धन्य बनाएं। सारे भारत वर्ष में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा हुए अनेक आयोजन विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक संस्थान ब्रह्मा कुमारीज के द्वारा भारत ही नहीं अपितु पूरे विश्व में शिवरात्रि पर्व को मनाया जाता है। इस अवसर पर संपूर्ण भारत वर्ष में ब्रह्मा कुमारीज के द्वारा अनेक बड़े-बड़े आयोजनों के द्वारा सभी को परमात्मा अवतरण का दिव्य संदेश दिया गया।







