वड़ोदरा -अटलादरा,गुजरात: महाशिवरात्रि के दिन ब्रह्माकुमारीज़ अटलादरा सेवाकेंद्र पर सुबह एवं शाम को केक कटिंग एवं शिव ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण करते हुए सभी अतिथियों एवं भाई बहनों ने सद्भावना और उत्साह के प्रतीक रूप में रंग बिरंगे गुब्बारे उड़ाते हुए नैतिक मूल्यों को अपनाकर अपने जीवन में परिवर्तन लाने और स्वर्णिम समाज की स्थापना के ईश्वरीय सेवा के श्रेष्ठ संकल्पों के साथ प्रतिज्ञा की। साथ में अतिथियों एवं भाई बहनों ने 12 ज्योतिर्लिंग की आरती एवं आध्यात्मिक मेले का अवलोकन किया।

सुबह के अतिथि (बीके प्रोग्राम):1) VMC कमिश्नर – श्री अरुण महेश बाबू जी (अपनी धर्मपत्नी/युगल के साथ )2) बिल्डर समस्त परिवार ग्रुप के धवल भाई रूपारेलिया3) बीपीसी के चेयरमैन भ्राता बिपिन भाई पटेल।




शाम के अतिथि (स्टेज प्रोग्राम, संगीत संध्या एवं नॉन बीके प्रोग्राम):1) भ्राता श्री दिव्यांग भाई पटेल मेंबर चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स इंडस्ट्रियलिस्ट 2) इंडस्ट्रियलिस्ट – हार्दिक भाई पटेल3) बिल्डर एवरेस्ट ग्रुप – उमेश भाई डधानिया4) ग्रीन बिल्डिंग कंसलटेंट एंड फार्मर रजिस्ट्रार एमएसयू – नवीन भाई ओझा6) परनामी अगरबत्ती के ओनर – अजय भाई परनामी 7) ईशा हॉस्पिटल के डॉ अजय भाई वालिया 8) गुरु नर्सिंग होम के डॉ गौरांग भाई पटेल 9) बिल्डर समस्त परिवार ग्रुप के हर्षद भाई रूपारेलिया 10) बिजनेसमैन हसमुख भाईशाम को सेवाकेंद्र में आध्यात्मिक संगीत संध्या एवं महाशिवरात्रि संदेश कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ब्रह्माकुमारी बहनों ने अतिथियों का तिलक खेस एवं ईश्वरीय भेंट व प्रसाद के द्वारा स्वागत किया अतिथियों ने कार्यक्रम में पधारे सभी भाई बहनों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दी। प्रोग्राम में संस्था के नियमित विद्यार्थी एवं प्रतिभाशाली गायक बीके सागर, बीके कुनिका एवं बीके अर्चिता ने अपनी मधुर आध्यात्मिक गीतों की प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। बाल कलाकारों ने भजन एवं आध्यात्मिक गीतों पर सुंदर नृत्य प्रस्तुतियां दीं। परमात्मा के अवतरण नामक ड्रामा के मंचन द्वारा परमात्मा के अवतरण एवं दिव्य कर्तव्यों का संदेश दिया गया।
सेवा केंद्र संचालिका बीके डॉ अरुणा बहन जी ने सभा को महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक अर्थ बताया कि आज समाज में पारस्परिक संबंधों में सकारात्मक विचारों और भावनाओं की कमी के कारण व्यवहार में रूखापन और स्वार्थ आ गया है जिससे संबंधों का सुख और शक्ति पहले जैसी नहीं रही तो शिवरात्रि का अर्थ है अपनी इन्हीं आंतरिक नकारात्मक वृत्तियों का व्रत रखना और अपने दुखदाई स्वभाव संस्कार परमात्मा शिव को समर्पित करके परिवर्तन करना। यही वास्तव में महाशिवरात्रि का अज्ञान निद्रा से जागरण और परमात्मा को अवगुण रूपी अक और धतूरा चढ़ाना है। ऐसी जागृति द्वारा ही हम अपने जीवन को फिर से सुख शांतिमय बना सकते हैं और परमात्मा से शक्तियां ले सकते हैं।
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अटलादरा सेवाकेंद्र के उप सेवाकेंद्र कलाली,बील,चापद एवं चांसद में भी संगीत संध्या और नाटिका द्वारा लोगो को शिव संदेश दिया एवं भायली केनाल रोड के नीलकंठ महादेव के मंदिर में राजयोग प्रदर्शनी द्वारा सेकड़ो लोगों ने परमात्म शिव का संदेश सुना | Photos & Videos Linkhttps://drive.google.com/drive/folders/15ARoN9ICmjkOSy8p5gaItP8tqlcntJho?usp=sharing




