पुणे-हडपसर, महाराष्ट्र: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ‘नवदशकोत्सव’ (90वें) त्रिमूर्ति शिवरात्रि महोत्सव के पावन अवसर पर, संकेत पार्क-2 सेवाकेंद्र द्वारा मोहम्मदवाड़ी और हांडेवाड़ी क्षेत्र के निवासियों के लिए “नंदनवन शिव दर्शन एवं 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन” नामक एक भव्य त्रि-दिवसीय आध्यात्मिक मेले का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जन-जन तक परमात्मा शिव का सत्य परिचय पहुँचाना और समाज में नैतिक मूल्यों की पुनः स्थापना करना था।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण: 1. नंदनवन शिव दर्शन: मुख्य पंडाल को ‘नंदनवन’ (ईश्वरीय उद्यान) की थीम पर सजाया गया था। हरे-भरे वृक्षों, लताओं और पुष्पों के बीच, कमल पुष्प के नीचे एक श्वेत शिवलिंग स्थापित किया गया, जिसने आगंतुकों को प्रकृति और परमात्मा के मिलन का दिव्य अनुभव कराया।
2. 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन: प्रवेश द्वार पर भारत के पवित्र 12 ज्योतिर्लिंगों की झांकी सजाई गई। यहाँ प्रत्येक ज्योतिर्लिंग का इतिहास और आध्यात्मिक महत्व प्रदर्शित किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर संपूर्ण तीर्थ का लाभ मिला।
3. अनुभूति कक्ष (Meditation Room): यहाँ एक विशेष ‘साइलेंस ज़ोन’ निर्मित किया गया जहाँ निरंतर ‘ओम ध्वनि’ गूंज रही थी। आगंतुकों को राजयोग का महत्व बताकर 1-2 मिनट मौन का अभ्यास कराया गया। प्रकाश बिंदु (Point of Light) पर एकाग्रता करते हुए कई आत्माओं ने गहन शांति और अश्रुपूर्ण आनंद का अनुभव किया।
4. भगवान के नाम खत (Letter to God): यह एक भावनात्मक पहल थी। आगंतुकों को अपने मन के बोझ को हल्का करने के लिए परमात्मा शिव को पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया गया, जिसे उन्होंने एक विशेष ‘लेटरबॉक्स’ में पोस्ट किया।
5. राजयोग ज्ञान चित्र प्रदर्शनी: बी.के. विद्यार्थियों द्वारा आगंतुकों को ईश्वरीय ज्ञान स्पष्ट किया गया। प्रदर्शनी में मुख्य रूप से ‘मैं आत्मा हूँ’, ‘परमधाम’, ‘सूक्ष्म एवं स्थूल वतन’, ‘शिव और शंकर में भेद’, ‘सृष्टि चक्र’, ‘अष्ट शक्तियां’, और ‘स्वर्णिम भारत (सतयुग – लक्ष्मी नारायण)’ के चित्र प्रदर्शित किए गए थे।
कार्यक्रम का घटनाक्रम:
प्रथम दिवस: भव्य उद्घाटन एवं सांस्कृतिक संध्या (14 फरवरी 2026) -उद्घाटन (सुबह 9:00 बजे): कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन द्वारा हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में श्री निवृत्ति अन्ना बांदल (PMC नगर सेवक), श्री बालासाहेब ससाणे (मेला लैंड ऑनर) और श्रीमती वैष्णवी सातव (NCP कार्यकर्ता लीड) उपस्थित रहे।
-सानिध्य: ससाणे नगर शाखा की संचालिका बी.के. सुमिता दीदी और आयोजक बी.के. गौरी दीदी ने सभा को संबोधित किया।
– सांस्कृतिक कार्यक्रम: शाम को पेशेवर गायिका श्रीमती रूपाली लाहोटी और उनकी टीम ने ‘भक्तिमय संगीत संध्या’ प्रस्तुत की।
द्वितीय दिवस: महाशिवरात्रि समारोह (15 फरवरी 2026)
-महाशिवरात्रि के दिन सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक भक्तों का तांता लगा रहा।
-महाआरती: शाम को विशेष आरती का आयोजन हुआ जिसमें श्री मनोज घुले (पूर्व PMC नगर सेवक), श्री राजाराम केंजले (सेवानिवृत्त सेना अधिकारी), श्री अतुल तारावडे (PMC नगर सेवक) और श्रीमती प्राची आल्हाट (PMC नगर सेविका) ने भाग लिया।
तृतीय दिवस: स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समापन (16 फरवरी 2026)
– स्वास्थ्य शिविर (सुबह 8:00 – दोपहर 1:00): स्थानीय नागरिकों के लिए ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जांच शिविर लगाया गया। Bodify कंपनी द्वारा आधुनिक मशीनों (EMS/TEMS) से नि:शुल्क थेरेपी दी गई।
-विद्यार्थी सत्र (सुबह 10:00 – 11:00): बी.के. दत्ता रोकाडे (लाइफ कोच एवं मोटिवेशनल स्पीकर) ने स्कूली छात्रों के लिए ‘तनाव प्रबंधन’, ‘डिजिटल डिटॉक्स’ और ‘समय प्रबंधन’ पर कार्यशाला ली और राजयोग का अभ्यास कराया। इस दौरान शिक्षक श्री सोमनाथ ठुमे और श्रीमती नीता जामदादे भी उपस्थित रहे।
-समापन समारोह (रात 7:30): अंतिम महाआरती श्री अनिल मोरे और श्री बालगुडे (पत्रकार, रोकठोक न्यूज़ चैनल) द्वारा संपन्न हुई।
यह त्रि-दिवसीय महोत्सव 16 फरवरी की रात 10:00 बजे अपार सफलता और शांति के वातावरण के साथ संपन्न हुआ।








