मुख पृष्ठराज्यछत्तीसगढ़दुर्ग: "आनंद सरोवर" बघेरा में शिवरात्रि के अवसर पर द्वादश ज्योतिर्लिंग एवं...

दुर्ग: “आनंद सरोवर” बघेरा में शिवरात्रि के अवसर पर द्वादश ज्योतिर्लिंग एवं चैतन्य झाँकी का आयोजन

दुर्ग (छतीसगढ़): प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज आनंद सरोवर बघेरा में पर द्वादश ज्योतिर्लिंग एवं चैतन्य झाँकी में गजेंद्र यादव (मंत्री छत्तीसगढ़ शासन) द्वारा दीप प्रज्ज्वलित किया गया
दुर्ग (छत्तीसगढ़)- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के बघेरा स्थित “आनंद सरोवर ” दुर्ग में 8 फरवरी से 16 फरवरी तक चलने वाले नौ दिवसीय ” शिव दर्शन आध्यात्मिक मेला ” में गजेन्द्र यादव (केबिनेट मंत्री स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य ) द्धारा दीप प्रज्वलित किया गया इस अवसर पर विवेक अग्रवाल,ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी संचालिका ब्रह्माकुमारी दुर्ग एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
नौ दिनों तक चलने वाले इस झाँकी के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए ब्रह्माकुमारीज दुर्ग की संचालिका ब्रह्माकुमारी रीटा बहन ने बताया कि प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर संस्था द्वारा भिन्न-भिन्न झाँकी का आयोजन किया जाता है । इस वर्ष भी 40 फीट ऊँचा शिवलिग, शिवलिंग पर अनवरत अनोखा दुग्धाभिषेक, शिव-शंकर की चैतन्य झाँकी, आत्मा-परमात्मा का भेद,सृष्टि के उत्थान एवं पतन का अद्भुत दर्शन, सूर्य-चंद्र तारागण से पार की अनोखी दुनिया का रहस्य को आध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी के द्वारा दिखायी जायेगी ।
उल्लेखनीय है कि शिवरात्रि परमात्मा “शिव” के अवतरण का यादगार है । निराकार परमपिता परमात्मा “शिव” 1936 में दादा लेखराज के मानवीय शरीर में प्रविष्ट होकर सर्वप्रथम ज्ञान दिया कि आप चैतन्य शक्ति आत्मा हो एवं दुनिया में सर्व मनुष्य आत्माएं आपस में भाई-भाई हैं व एक निराकार परमात्मा की संतान है । एवं दादा लेखराज का दिव्य नाम प्रजापिता ब्रह्मा दिया एवं
परमात्मा “शिव” इस सृष्टि में नयी दैवी दुनिया के स्थापना अर्थ परमात्मा “शिव” इस सृष्टि में नयी दैवी दुनिया के स्थापना अर्थ प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय का स्थापना किए । परमात्मा के इस दिव्य कर्तव्य का कार्य विगत 90 वर्षों से चल रहा है इसलिए सर्व मनुष्य आत्माओं को परमात्मा द्वारा दिये गये ज्ञान को देने इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व अत्यंत उमंग-उल्लास से मनाया जाएगा। इस वर्ष विशेष नृत्य नाटिका “नशा नाश का द्वार है – राजयोग सफलता का है ” का आयोजन इस मेले में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा ।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments