एक विद्यार्थी गणित से बेहद डरता था। परीक्षा पास आ रही थी। लेकिन उसे समझ नहीं आता था कि पढ़ाई कहाँ से शुरू करे। एक दिन उसके गुरु जी उसे नदी किनारे ले गए। उन्होंने कहा- ”इस पत्थर को उठाने की कोशिश करो।” छात्र ने बहुत ज़ोर लगाया, पर पत्थर हिला भी नहीं।
तभी गुरु जी ने उसे बाल्टी में पानी भरने को कहा। वे हर दिन बाल्टी में थोड़ा-सा पानी भरते और पत्थर पर डालते। धीरे-धीरे महीनों बाद वह पत्थर नरम होकर टूटने लगा। गुरु जी बोले -”देखा? बड़े से बड़ा काम भी रोज़ के छोटे प्रयासों से आसान हो जाता है।”
विद्यार्थी को बात समझ आ गई। उसने रोज़ केवल एक-एक अध्याय के छोटे हिस्से पढऩे शुरू कर दिए। एक महीने बाद वही अध्याय उसे आसान लगने लगे। परीक्षा में वह अच्छे अंकों से पास हुआ।
शिक्षा : रोज़ थोड़ी-थोड़ी मेहनत समय के साथ बहुत बड़ा परिणाम देती है। निरंतरता ही सफलता का असली रहस्य है।



