रीवा, मध्य प्रदेश । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अंतर्गत ब्रह्मा कुमारीज़ सेवा केंद्र, शांति धाम झिरिया रीवा द्वारा 90वीं शिव जयंती (महाशिवरात्रि) के पावन अवसर पर 14 से 21 फरवरी तक साप्ताहिक महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया।
“शिव बाबा दिव्य रथ यात्रा” को माननीय उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल जी ने विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात हरी झंडी दिखाकर जनजागरण हेतु रवाना किया।
माननीय उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल जी ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि महाशिवरात्रि आत्मजागरण, आत्मशुद्धि और सामाजिक परिवर्तन का महापर्व है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव केवल विचारों से नहीं, बल्कि व्यवहारिक जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने से आता है।
उन्होंने ब्रह्मा कुमारीज़ द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति एवं नैतिक जागरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह सेवा वर्तमान समय में प्रैक्टिकल रूप में हो रही आध्यात्मिक सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
कार्यक्रम के दौरान राजयोगी बीके प्रकाश भाई जी द्वारा नशा मुक्ति एवं प्रकृति संरक्षण की विशेष प्रतिज्ञा कराई गई। उपस्थित नागरिकों, युवाओं एवं बीके सदस्यों ने व्यसनमुक्त जीवन, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं सद्भावपूर्ण समाज निर्माण का संकल्प लिया।
रीवा संचालिका बीके लता दीदी का विशेष उद्बोधन
रीवा सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी बीके लता दीदी जी ने अपने आध्यात्मिक उद्बोधन में कहा कि शिव जयंती सभी पर्वों में महान एवं श्रेष्ठ पर्व है, क्योंकि यह परमपिता परमात्मा शिव के अवतरण का स्मृति दिवस है।
उन्होंने विशेष रूप से बताया कि परमात्मा शिव पर परंपरागत रूप से अक (मदार) एवं धतूरे के पुष्प अर्पित किए जाते हैं, न कि सुगंधित पुष्प। इसका आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए उन्होंने कहा कि अक और धतूरा कड़वे एवं विषैले होते हैं, जो मानव जीवन की बुराइयों, विकारों और अहंकार का प्रतीक हैं। जब हम इन्हें शिव को अर्पित करते हैं, तो उसका अर्थ है — अपने भीतर की बुराइयों, नकारात्मकताओं और अवगुणों को परमात्मा को समर्पित कर देना।
सुगंधित पुष्प अच्छाइयों का प्रतीक हैं, जिन्हें हमें अपने जीवन में धारण करना है। इस प्रकार शिव पूजा का वास्तविक अर्थ है — बुराइयों का त्याग और श्रेष्ठ गुणों का धारण करना।
14 से 21 फरवरी तक शिव बाबा रथ यात्रा लगातार नगर के चारों दिशाओं में भ्रमण कर रही है। घर-घर, चौक-चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर शिव संदेश पहुँचाया जा रहा है।
शहर की विशिष्ट विभूतियाँ, गणमान्य नागरिक, बुद्धिजीवी वर्ग एवं जनप्रतिनिधि इस रथ यात्रा से अत्यंत आनंदित एवं प्रभावित हैं। श्रद्धा और कृतज्ञता भाव से सभी ने इस सेवा को अत्यंत श्रेष्ठ बताया। अनेक नागरिकों ने कहा कि जिस प्रकार संगठित एवं अनुशासित रूप में ब्रह्मा कुमारीज़ द्वारा यह व्यापक आध्यात्मिक सेवा की जा रही है, वैसी सेवा आज तक देखने को नहीं मिली।
उपस्थित विशिष्ट इस अवसर पर पूर्व सांसद बुद्धसेन पटेल,अतिथि सीडीओ फॉरेस्ट अधिकारी हृदय लाल सिंह, डॉ. सी.वी. शुक्ला, वरिष्ठ समाजसेवी प्रदुम्न सिंह , डॉ. गोविन्द नारायण श्रीवास्तव (श्रीमहंत डॉ. गोविन्द नारायण चित्रगुप्त जी महाराज), प्रमोद कुमार गुप्ता,अशोक सिंह परिहार, उमेश सेन, एडवोकेट सतीश पांडे, शिवेंद्र मिश्रा, अंकू तिवारी, बीके दीपक तिवारी,सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देने वाले बच्चों का सम्मान किया गया। तत्पश्चात पवित्र ब्रह्मा भोग के साथ आयोजन को आध्यात्मिक पूर्णता प्रदान की गई।
यह शिव जयंती महोत्सव आत्मपरिवर्तन, नशामुक्ति, प्रकृति संरक्षण एवं संस्कार निर्माण का सशक्त जनअभियान बनकर रीवा नगर में निरंतर प्रैक्टिकल सेवा का स्वरूप धारण कर रहा है।










