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छतरपुर: ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा लगाए गए द्वादश ज्योतिर्लिंग मेला के छठवें दिन किसान सम्मेलन का आयोजन

नये भारत को जैविक एवं योगिक खेती की आवश्यकता- बी.के.गीता
‎ब्रह्माकुमारीयों के द्वारा इस प्रांगण में जो रस वर्षा हुई वह अद्भुत – एस. के. उपाध्याय

‎छतरपुर, मध्य प्रदेश : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित द्वादश ज्योतिर्लिंग मेला आज छठवें दिन किसान भाई-बहनों के लिए सम्मेलन रखा गया।
‎कार्यक्रम की शुरुआत में आश्रम की बहनों द्वारा अतिथियों को स्मृति तिलक एवं अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया। बी.के. अवधेश के द्वारा स्वागत नृत्य कर सभी का स्वागत किया।

तत्पश्चात किसान भाई बहनों को संबोधित करते हुए भीनमाल राजस्थान से पधारीं राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी गीता दीदी ने कहा कि वर्तमान समय में गांव से शहरों की ओर लगातार पलायन हो रहा है यदि हमें असली भारत को देखना है तो गांव को देखना होगा । सरदार पटेल ने भी कहा है हमारा एक ही कल्चर है “एग्रीकल्चर”। सभी त्योहारों का कनेक्शन भी गांव से है जब गांव में खुशियां आती है तो देश त्योहार मनाता है हमारी सरकारों ने भी प्रथम पंचवर्षीय कार्यक्रम से गांव के विकास को सर्वोपरी रखा है इसके बावजूद कई गांव आज भी अभाव युक्त है वहीं कुछ गांव आदर्श गांव भी बने हैं। 2026 के वर्ष को संयुक्त राष्ट्र संघ ने महिलाओं और किसानों का वर्ष चुना है गांव में संभावनाएं अधिक हैं पर उस तरह के उद्योग धंधे नहीं।
‎आज संसाधनो की कमी नहीं है, बस अच्छा काम करने के लिए अच्छे संकल्प की आवश्यकता है। दीदी जी ने गांव एवं भारत की प्राचीन व समृद्धशाली संस्कृति के बारे में बताते हुए कहा कि आज भी गांव में दिल खोलकर स्वागत किया जाता है कभी हम सोच में बहुत रिच थे कहां सोमनाथ का वैभव था कहां नालंदा विश्वविद्यालय का विशाल पुस्तकालय जिसमें इतनी किताबें थीं की आग लगाने पर तीन महीने तक धधकती रही लेकिन आज कोई किसान अपने बेटे को किसान नहीं बनाना चाहता। हम अधिक फायदे के चक्कर में भैंसों को आक्सीटोसिन इंजेक्शन दे रहे हैं जिससे त्वरित फायदा तो है परंतु दूरगामी परिणाम बहुत भयानक है। कहते हैं कि मानव का जब विवेक का नाश होता है तब सृष्टि का नाश होता है ऐसा गीता में लिखा है। आज हम डीएपी – यूरिया का अधिक उपयोग कर रहे हैं जो जमीन के लिए बेहद हानीकारक है आज अनेक बीमारीयों का कारण अत्यधिक रसायनों का छिड़काव है। आज हमें जैविक एवं योगिक खेती की आवश्यकता है, भारत सरकार भी इस पर काम कर रही है ब्रह्माकुमारीज के मुख्यालय माउंट आबू में प्योर योगिक खेती होती है जिसे ज़ीरो बजट माउंट कहते हैं जिस पर सरकारें रिसर्च कर रही है। आज खेती में सुधार और पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
‎इसके बाद अतिथि के रुप में पूर्व प्राचार्य उत्कृष्ट विद्यालय छतरपुर एस.के. उपाध्याय जी ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जो अमृत रस पिछले सात दिनों में इस प्रांगण में वर्षा है वो अद्भुत है उन्होंने संस्थान की प्रभारी बी.के. शैलजा दीदी को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि दीदी हर दम कुछ नया करने का प्रयास करती है हमें उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता हैं। वहीं वेसबाल प्रदेश उपाध्यक्ष मानसिंह जी ने भी अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ कार्यक्रम का देखने और समझने का हमें अवसर मिला। सीएमराइज उपप्राचार्य श्री शर्मा जी ने कार्यक्रम की तारीफ करते हुए कहा कि हम हमेशा ही ब्रह्माकुमारी बहनों से कुछ नया सीखते है।इस मौके पर गर्रौली रानी साहिबा पूर्णिमा सिंह, माया सर्वानी भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शानदार संचालन बड़ामलहरा सेवाकेंद्र प्रभारी बी.के. रुपा दीदी ने किया।
‎तत्पश्चात आदरणीय गीता दीदी द्वारा सभी को ईश्वरीय सौगात दी गई। इसके बाद उपस्थित जनसमूह ने मिलकर द्वादश ज्योतिर्लिंग की संध्या बेला महाआरती की।

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