ब्रह्माकुमारीज संस्था सही रूप में भारत का विकास एवं समाज को मूल्यवान बनाने का काम कर रही है – डॉक्टर दर्शिता शाह (MLA)
जीवन में से ईर्षा, अहंकार का त्याग कर कर्म को श्रेष्ठ बनाना – यही ब्रह्माकुमारी संस्था का लक्ष्य है – भगिनी नयना पेढाडिया – मेयरश्री राजकोट
राजकोट, गुजरात: राजकोट में विशाल ग्राउंड में 13 से 15 फरवरी 2026 त्रिदिवसीय महाशिवरात्रि मेले का भव्य आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न स्टॉल जैसे की-
- 90000 स्टोन से श्रृंगारित 19 फुट ऊंचा शिवलिंग
- शिव – शंकर की चैतन्य झांकी के साथ जल अभिषेक
- अवगुण अर्पण कुंड एवं दिव्य वरदानों की प्राप्ति
- वैल्यू गेम जोन
- जीवन मूल्य प्रदर्शनी एवं नशा मुक्ति स्टॉल
- स्वर्णिम युग की चैतन्य झांकी सजाये गए।
इस दिव्य मेले एवं नवदशोकतोसव का भव्य उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहे|
- राजयोगिनी भारतीदीदी – गुजरात जॉन डायरेक्टर
- ब्र.कु. नलिनीबेन – रविरत्न सेवाकेंद्र इंचार्ज राजकोट
- भगिनी डो. दर्शिता शाह – MLA राजकोट
- भगिनी नयना पेढाडिया – मेयरश्री राजकोट
- गुणवंत भाई डेलावाला – सरगम क्लब राजकोट
- जिम्मी अडवाणी – शिव सेना प्रमुख राजकोट
- कमलेश मिरानी – भाजप पूर्व प्रमुख
- डो. डी.के.वडोदरिया – पंचशील स्कुल ट्रस्टी
- आशाबेन – वॉर्ड कॉर्पोरेटर
- जमनभाई – डेकोरा बिल्डर
- 90 मेहमानोंने 90 दिप प्रज्जवलन करके नवदशोकतोसव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 90 बलून भी उड़ाए गए |
- धारासभ्य डॉक्टर दर्शिताबेन ने कहा कि – मैं जब भी ब्रह्माकुमारीज के प्रोग्राम में आती हु| एक सप्ताह की थकान 10 मिनट में उतर जाती है, संतोष मिलता है, वर्तमान तनावग्रस्त समाज को स्वस्थ करने का काम ये संस्था और विशेष बहने कर रही है | संस्था को 90 साल की बहुत-बहुत बधाइयां भी दी|
- भगिनी नयना पेढाडिया – मेयरश्री राजकोट ने शिव जयंती की शुभकामनाएं देते कहा कि सफेद वस्त्र में शक्ति, शांति है – जो यह बहने त्याग के बल से समाज को सही दिशा दे रही है – क्रोध के बदले क्षमा भाव, स्पर्धा के बदले सहयोग और अशांति में शांति का मार्ग दिखाती है तो यह ब्रह्माकुमारी संस्था ही है |
- राजयोगिनी भारतीदीदी ने सभी को सप्ताह कोर्स करने का निमंत्रण देते कहा कि अब सही रूप में जागने का समय है |
- सभी ने मिलकर शिव बाबा का झंडा लहराया और प्रत्येक नाम प्रतिज्ञा भी कराई गई|
- कुमारी हीर और कुमारी सौम्या ने स्वागत एवं शिव स्तुति से सभी को शिव के सानिध्य का अनुभव कराया |
- बी.के. आरती ने शिव पिता के परिचय के साथ सभी को महाशिवरात्रि का अर्थ स्पष्ट किया |
- शाम 7:30 बजे विशाल ग्राउंड में मेहमानों एवं विशाल जन समुदाय ने महाआरती से पूरे वातावरण को आत्मिक ऊर्जा से भर दिया|











