फर्रुखाबाद,उत्तर प्रदेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा 22 फरवरी को रामलाल कॉलोनी, अंगूरी बाग में आयोजित “अलौकिक विवाह – आत्मा एवं परमात्मा का दिव्य मिलन” कार्यक्रम अत्यंत भव्यता, आध्यात्मिक गरिमा एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। हजारों ब्रह्मवत्स भाई-बहनों की उपस्थिति से सभागार खचाखच भरा रहा और वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।
* शिव बाबा की दिव्य बारात ने मोहा मन*

कार्यक्रम का शुभारंभ जटवाड़ा, अंगूरी बाग सेवा केंद्र से हुआ, जहाँ परमपिता परमात्मा शिव की सुसज्जित झांकी को डोली में विराजमान किया गया। सजनी कु. एकता बहन को सुंदर रथ में बैठाकर बैंड-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। हाथों में शिव ध्वज और सिर पर पगड़ी बांधे ब्रह्मवत्स भाई-बहन बारातियों की भांति आनंदपूर्वक चलते रहे। यह अलौकिक बारात नगर में आकर्षण का केंद्र बनी।
* वरमाला एवं दिव्य संकल्प का भावपूर्ण क्षण*

रामलाल कॉलोनी स्थित मुख्य सभास्थल पर मंचीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कानपुर सब-ज़ोन इंचार्ज राजयोगिनी बी.के. गिरिजा दीदी ने की तथा संयोजन वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी बीके. शोभा दीदी ने किया। समारोह उस समय अत्यंत भावविभोर हो उठा जब ब्रह्माकुमारी एकता बहन ने परमपिता परमात्मा शिव को वरमाला अर्पित कर उन्हें अपना सर्वस्व स्वीकार किया। सात पवित्र फेरों की प्रतीकात्मक रस्मों के साथ उन्होंने पवित्रता, सेवा और आजीवन समर्पण का दृढ़ संकल्प लिया तथा परमात्मा से अपने दिव्य वायदे निभाने की प्रतिज्ञा की।
राजयोगिनी बी.के. गिरिजा दीदी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि जब आत्मा परमात्म प्रेम में बंधती है, तब जीवन में असीम शक्ति, शांति और दिव्यता का संचार होता है। यह अलौकिक मिलन समाज को पवित्रता, संयम और श्रेष्ठ संस्कारों की दिशा देता है।
राजयोगिनी बी.के. शोभा दीदी ने कहा कि यह अलौकिक विवाह आत्मा और परमात्मा के अटूट संबंध का प्रतीक है। यह समर्पण नारी शक्ति के जागरण, चरित्र निर्माण और आध्यात्मिक उत्थान का सशक्त संदेश देता है।
मुख्य अतिथि कैप्टन डी.एस. राठौर (जिला महामंत्री भाजपा एवं राष्ट्रीय मंत्री अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, फर्रुखाबाद) एवं वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह राठौर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
माउंट आबू स्थित मधुबन मुख्यालय से पधारे मधुर वाणी ग्रुप के बी.के. सतीश भाई एवं बी.के. नितिन भाई ने स्वागत, बधाई एवं सम्मान के मधुर आध्यात्मिक गीत प्रस्तुत कर सभी को भाव-विभोर कर दिया। उनके सुरों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
हाथरस से पधारे बी.के. सुमित गौतम ने अपनी भावपूर्ण कविता —
“आत्मा सजनी ने मन में ठाना है, अपने दिल की धड़कन में एक बस नाम जोड़ा है – मेरा बाबा, मेरा बाबा…”
की मार्मिक प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह का ध्यान आत्मा सजनी और परमात्मा साजन के दिव्य मिलन की ओर केंद्रित कर दिया।
कार्यक्रम में बच्चों ने भी अत्यंत सुंदर एवं प्रेरणादायी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। नन्हें-मुन्ने बालकों द्वारा प्रस्तुत नृत्य, गीत और नाटिकाओं ने आध्यात्मिक संदेश को सहज और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त किया। उनकी मासूम अभिव्यक्तियों और उत्साहपूर्ण प्रस्तुतियों ने सभी उपस्थित जनों का मन मोह लिया और सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मैनपुरी, आगरा, बेवर, हरदोई, कानपुर, फतेहपुर, रायबरेली एवं अन्य अनेक स्थानों से ब्रह्मवत्स भाई-बहन इस भव्य कार्यक्रम के साक्षी बनने पहुंचे। मंच पर बी.के. रमा बहन, बी.के. नीरू बहन, बी.के. अर्चना बहन सहित अनेक बहनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
सामूहिक आशीर्वाद एवं आनंद उत्सव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह प्रभु समर्पण समारोह फर्रुखाबाद की आध्यात्मिक धरा पर एक अविस्मरणीय अध्याय बन गया।






