नैतिकता, जागरूकता एवं उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व पर जयपुर पीस पैलेस में विशेष मंथन
देश के 12 राज्यों से प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता
जयपुर (राजस्थान)। पीस पैलेस सेवाकेंद्र, जयपुर में LEAP (Leadership with Ethics Awareness and Purpose) प्रशिक्षण एवं थॉट लैब कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। देश के 12 राज्यों से सैकड़ों प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। आयोजन में आध्यात्मिकता, नैतिकता एवं मूल्य-आधारित नेतृत्व का प्रेरणादायी समागम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ 5 मिनट की प्रभु स्मृति से हुआ। तत्पश्चात तिलक, पुष्पगुच्छ एवं शॉल द्वारा पधारे हुए विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया गया। स्टेज पर उपस्थित सभी अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। तत्पश्चात् स्वागत नृत्य कुमारी दृष्टि द्वारा प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात पीस पैलेस सेवाकेंद्र, जयपुर की संचालिका बीके हेमलता बहन ने सभी पधारे हुए अतिथियों एवं प्रतिभागियों का हृदय से स्वागत करते हुए कार्यक्रम के प्रति शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।
बीके मुकेश भाई (निदेशक, थॉट लैब) ने LEAP प्रशिक्षण एवं थॉट लैब की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि आज के युग में केवल नेतृत्व कौशल पर्याप्त नहीं है, बल्कि नैतिकता, जागरूकता और जीवन के उद्देश्य का समावेश अत्यंत आवश्यक है। LEAP प्रशिक्षण व्यक्ति को केवल सफल नेता नहीं बल्कि मूल्य-आधारित प्रेरक व्यक्तित्व बनने की दिशा देता है। थॉट लैब का उद्देश्य विचारों की शक्ति के माध्यम से व्यक्तिगत एवं सामाजिक परिवर्तन को गति देना है।
शुभ प्रेरणाएँ देते हुए सिरसा, हरियाणा की प्रभारी बीके बिंदु दीदी ने कहा कि सच्चा नेतृत्व वही है जो स्वयं के जीवन में मूल्यों को धारण कर दूसरों के लिए उदाहरण बनता है। जब नेतृत्व में शांति, धैर्य और नैतिकता जुड़ती है, तब समाज में स्थायी परिवर्तन संभव होता है।

जयपुर के उद्योगपति बीके मदन लाल शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि व्यावसायिक जीवन में भी नैतिकता और मानवीय मूल्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम वर्तमान समय की आवश्यकता हैं, जो व्यक्तित्व को संतुलित एवं प्रभावशाली बनाते हैं।
राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री के वर्तमान ओएसडी एवं सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता श्री सुगन चंद मंडार ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें नैतिकता और चरित्र निर्माण का समावेश होना चाहिए। LEAP जैसे कार्यक्रम युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
प्रबुद्ध शिक्षाविद एवं समाजसेवी श्रीमती पुष्पलता मंडार ने कहा कि मूल्य-आधारित नेतृत्व ही भविष्य की सशक्त पीढ़ी का निर्माण कर सकता है। आध्यात्मिकता के साथ जुड़ा नेतृत्व समाज में सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।
इस अवसर पर राधेश्याम शर्मा जी, Director, Mehta Education Society एवं राजस्थान प्रदेश, उपाध्यक्ष, स्कूल शिक्षा परिवार ने अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था को केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित न रखकर उसमें जीवन मूल्यों, नैतिकता और व्यक्तित्व विकास को भी समान महत्व देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि LEAP जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रबंधकों सभी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, क्योंकि यह नेतृत्व को मानवीय संवेदनाओं और नैतिक दृष्टिकोण से जोड़ते हैं। ऐसे कार्यक्रम शिक्षा जगत में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर किशनगढ़ संभाग की प्रभारी बीके शांति दीदी ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि जब व्यक्ति अपने जीवन के उद्देश्य को समझकर नैतिकता एवं आध्यात्मिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ता है, तब उसका नेतृत्व समाज के लिए वरदान बन जाता है। LEAP प्रशिक्षण आत्म-परिवर्तन से विश्व-परिवर्तन की दिशा में एक प्रभावी कदम है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा (हरियाणा) के कुलपति डॉ. विजय कुमार ने LEAP प्रशिक्षण एवं थॉट लैब की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अपने विश्वविद्यालय में राजयोग थॉट लैब प्रारंभ करने की सकारात्मक इच्छा व्यक्त की।
अजमेर संभाग संचालिका बीके शांता दीदी जी ने उपस्थित सभी ट्रेनिंग मेंबर्स से आत्मीय भेंट की तथा अपने आध्यात्मिक जीवन के प्रेरणादायी अनुभव साझा कर सभी को लाभान्वित किया। इस अवसर पर जयपुर से बीके चित्रा बहन, मधुबन से बीके चुनेश भाई, बीके कमलेश भाई आदि विशेष रूप से उपस्थित थे। अंत में पधारे हुए विशिष्ट मेहमानों को ईश्वरीय सौगात और प्रसाद भेंट की गई। कार्यक्रम के उपरांत सभी ने ब्रह्मा भोजन ग्रहण किया।










