परम श्रद्देया राजयोगिनी ब्र.कु. सुरेन्द्र दीदी जी का अव्यक्तारोहण – हार्दिक श्रद्धांजलि । शत् शत् नमन
वाराणसी, उ.प्र.: हम सभी की अति स्नेही, साकार मम्मा-बाबा ( संस्था के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा एवं प्रथम मुख्य प्रशासिका जगदम्बा सरस्वती जी) के साथ संस्था की सभी वरिष्ठ दादियों की पालना में पली हुई, संदेश पुत्री, पूर्वी उ.प्र. एवं पश्चिम नेपाल क्षेत्र की प्रमुख, हम परमात्म पथ के पथिक राजयोगियों की अलौकिक माँ, तपस्वीमूर्त, बालब्रह्मचारिणी, श्रद्देया राजयोगिनी ब्र.कु. सुरेन्द्र दीदी जी ने 83 वर्ष की आयु में आज दिनांक 06 मार्च, 2026 को प्रातः 9 बजकर 20 मिनट पर अपनी पुरानी देह का त्याग कर परमात्म पिता (बापदादा) की गोद ली।
आपका लौकिक जन्म 13 जून 1943 को पंजाब प्रांत के श्रीहरगोविंदपुर में हुआ और 13 वर्ष की बाल्यावस्था में ही आपने अपना जीवन परमात्म आदेशानुसार मानवता के कल्याणार्थ समर्पित किया | ब्रह्माकुमारी संस्था के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा और प्रथम मुख्य प्रशासिका जगदम्बा सरस्वती जी की प्रेरणा और निर्देशानुसार आपने सन् 1964 में काशी में पदार्पण किया और अपनी अथक सेवा, त्याग एवं तपस्या के बल पर पूर्वी उ.प्र. से होते हुए नेपाल के अधिकांश क्षेत्र तक राजयोग और ईश्वरीय ज्ञान की धारा बहाई | आपने वास्तव में एक चैतन्य ज्ञान गंगा बनाकर परमात्मा शिव के ईश्वरीय ज्ञान को जन-जन के जीवन में आत्मसात करने का सरल मार्ग दिखाकर हजारों मानव के जीवन में प्रेम, दिव्यता, पवित्रता और शांति का प्रकाश बिखेरा | आपने मानव के जीवन को ईश्वरीय ज्ञान के प्रकाश से आलोकित कर जीवन को खुशहाल बनाने का भगीरथ कार्य कर नव जीवन प्रदान किया |
आप वास्तव में नारी शक्ति की एक चैतन्य ज्योति पुंज थीं जिनके संपर्क में आकर अनेक मनुष्य आत्माओं ने स्वयं को प्रकाशित अनुभव किया | आपके नेतृत्व में आज पूर्वी उ.प्र. से लेकर पश्चिम नेपाल में फैले हुए संस्था के 300 से अधिक शाखाओं में 1200 से अधिक समर्पित बालब्रह्मचारी राजयोगी बहन-भाई मानवता की सेवा में समर्पित होकर सेवा दे रहे हैं |
आप पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थी, वर्तमान समय दिल्ली के सर गंगाराम हास्पिटल में आपका इलाज चल रहा था। दीदी जी के अंतिम दर्शन हेतु पार्थिव शरीर को संस्था के सारनाथ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के सभागार में रखा जाएगा|उनकी अंतिम यात्रा रविवार, 08 मार्च को प्रातः 10:00 बजे सारनाथ स्थित संस्था के क्षेत्रीय कार्यालय से हरिश्चन्द्र घाट के लिए प्रस्थान करेगी। जहाँ पर संस्था के मुख्यालय आबूराज, राजस्थान के साथ पश्चिम नेपाल एवं उ.प्र. के अनेक स्थानों से आने वाले राजयोगी भाई-बहनों के साथ अनेक स्थानीय जन प्रतिनिधी, समाजसेवी और प्रबुद्दवर्गों के साथ जन सामान्य की उपस्थिति में दीदी जी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा|
दीदी जी के निधन पर काशी के अनेक साधु-संत, जन प्रतिनिधि, समाजसेवी के साथ प्रबुद्धजनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है ।













