नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी दिव्य संस्कार भवन में महिला दिवस एवं रंग पंचमी का पावन पर्व हर्षोल्लासह के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला कलेक्टर बहन श्रीमती रजनी सिंह , वरिष्ठ समाज सेविका पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती संध्या कोठारी , पैथोलॉजिस्ट बहन डॉक्टर स्वाति मीणा, नारी कल्याण समिति सदस्य श्रीमती ज्योति चौहान , पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रियंका नेमा, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती निशा सोनी, रिटायर प्रो. श्रीमती चित्रा द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष लीनश क्लब एवं संस्थापिका मां दुर्गा मंडल श्रीमती ज्योति तिवारी , ब्रह्माकुमारीज़ जिला संचालिका ब्र कु कुसुम दीदी , मोटिवेशनल स्पीकर ब्र कु पूजा जबलपुर ने दीप प्रज्वलित कर किया ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती रजनी सिंह ने अपने प्रेरणादाई उद्बोधन में कहा कि
नारी समाज की धुरी है । नारी ने ही श्रेष्ठ संस्कारों को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे पहुंचाने का कार्य किया है। इसीलिए कहा जाता है यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:।
उन्होंने सभा में उपस्थित सभी गणमान्य महिलाओं को महिला दिवस एवं रंग पंचमी की शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी कुसुम दीदी ने महिला दिवस एवं रंग पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कालांतर से ही नारी शक्ति ने अपनी अहम भूमिका समाज के कल्याण में निभाई है इसीलिए देवियों का नाम आज भी सम्मान के साथ देवताओं से पूर्व लिया जाता है जैसे लक्ष्मी नारायण, राधे कृष्ण, सीता राम आदि। मध्यकाल में भी वीरांगना बनकर नारी ने देश और समाज की रक्षा का अद्भुत दायित्व निभाया । वर्तमान समय भी नारी शक्ति हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है। आर्मी , विज्ञान जगत, खेल जगत, राजनीति हो, य आध्यात्मिक जगत, हर क्षेत्र में नारी अपनी अहम भूमिका निभा रही है किंतु उन्होंने नारियों पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान में नारी फ़ैशन में नैतिक मूल्यों को भूलते जा रही है।लेकिन नारी अपनी पुरातन सनातन देव संस्कृति को अपना कर फिर से अपने देवत्व को प्राप्त कर सकती है । उन्होंने नारियों का आह्वाहन करते हुए कहा कि वर्तमान में निराकार परमपिता परमात्मा शिव हमारी इस भारत भूमि पर अवतरित होकर के सत्य गीता का ज्ञान एवं राजयोग विद्या देकर अबला नारी को शक्ति स्वरूपा बना रहे हैं क्योंकि नारी ही नर्क को स्वर्ग बन सकती है।
उन्होंने सभी को होली पर्व का आध्यात्मिक अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा की होली पर हम सब तीन कार्य करते हैं पहले रात में होली जलाते हैं फिर दूसरे दिन रंग गुलाल लगाते हैं और एक दूसरे के गले मिलकर मंगल मिलन करते हैं किंतु सच्चा मिलन तभी होगा जब हम अपने भीतर से अवगुणों रूपी बुराइयों को जलाएंगे और परमात्मा के द्वारा दिए जा रहे सत्य ज्ञान के रंग से अपनी अंतर आत्मा को रंग कर औरों से मंगल मिलन कर सकेंगे। तभी यह होली का पर्व हम सभी के जीवन में खुशियों के रंग बिखरेगा और हम सभी का घर निश्चित ही स्वर्ग बनेगा l
मोटिवेशनल स्पीकर ब्र कु पूजा ने सभा में उपस्थित नारी शक्ति को वैल्यूज पर आधारित अलग-अलग एक्टिविटी कराते हुए उनको अपने जीवन में वैल्यूज को धारण करने की प्रेरणा दे कर आंतरिक शक्ति को जागृत करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा आज दिन प्रतिदिन डायवोर्स, डिप्रेशन, सुसाइड के जो कैस बढ़ रहे हैं इसका कारण अंतर आत्मा की कमजोरी है जिसको दूर करने के लिए यदि प्रतिदिन अपनी दिनचर्या में से 10 मिनट निकाल कर मेडिटेशन का अभ्यास किया जाए तो निश्चित ही महिला अपने परिवार में और अपने वर्कप्लेस पर हर कार्य को अच्छे से मैनेज कर सकती है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया , की IQ (इंटेलिजेंस कोशिएंट),EQ (इमोशनल कोशिएंट) है, के साथ SQ (स्पिरिचुअल कोशिएंट )को भी बढ़ाए । तत्पश्चात सभी को राजयोग मेडिटेशन का प्रेक्टिकल अनुभव कराया।
जिला कलेक्टर बहिन श्रीमती रजनी सिंह ने भी कुछ क्षण ध्यान कक्ष में राजयोग अनुभूति की।
श्रीमती कोठारी जी ने महिला दिवस पर शुभकामना देते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनें समाज के हर क्षेत्र में समाज सुधार के कार्य में अहम भूमिका निभा रही हैं।
बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से सभी को फूलों की होली की मंद सुगंध और होली के आध्यात्मिक गीतों के रंगों में रंग दिया ।
इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं की प्रमुख समाज सुधारक जिला चिकित्सालय से महिला रोग विशेषज्ञ डॉ प्रांजल पराड़कर, डॉ शोभना पटेल,डॉ शुभ लक्ष्मी सिंघाई,श्रीमती प्रीति तिवारी भारत विकास परिषद,श्रीमती सुनीता राजपूत योगाचार्य , श्रीमती सुनीता शर्मा महिला जिला प्रमुख,श्रीमती अरुणा दुबे अध्यक्ष ब्राह्मण एकता परिषद , श्रीमती अनीता मानसता आदि अनेक मातृ शक्तियां उपस्थित रहीं ।
कार्यक्रम का कुशल संचालन क्षेत्रीय महिला प्रमुख भारत विकास परिषद श्रीमती भारती कौरव एवं प्रो.श्रीमती प्रीति कौरव ने किया।
अंत में प्रभु प्रसाद एवं ईश्वरीय सौगात प्रदान की गई।








