दादी ह्दयमोहिनी की पांचवी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा सैलाब
दादी का जीवन लोगों के लिए प्रेरणास्रोत-मोहिनी दीदी
आबू रोड, राजस्थान । ब्रह्माकुमारीज संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी ह्दयमोहिनी जी की 5वीं पुण्य तिथि के उपलक्ष्य में विशाल श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान दादी की समाधि स्थल अव्यक्त लोक पर प्रातः ध्यान साधना के बाद संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी, अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी, जयन्ति दीदी, महासचिव बीके करुणा, अतिरिक्त महासचिव बीके मृत्युंजय, ओआरसी की निदेशिका बीके आशा समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कुछ देर मौन रहकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
डायमंड हॉल में आयेाजित श्रद्धांजलि सभा में बोलते हुए संस्था की प्रमुख राजयोगिनी मोहिनी दीदी ने कहा कि गुलजार दादी का जीवन हमेशा मानवता की सेवा में रहा। मन बचन कर्म और संकल्प के साथ ही वे हमेशा ही दूसरों के भलाई के लिए कार्य करती रही। उनके संकल्पों में आमजन के लिए करुणा का भाव था। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी ने कहा कि दादी के अंग संग रहने का सौभाग्य मिला। उनके हर कदम से सीखने को मिलता था। उनके चेहरे में रुहानियत और प्रेम का भाव लोगों केा सहज ही अपना बना लेता था ।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके जयन्ति दीदी, महासचिव बीके करुणा भाई ने कहा कि दादी बाल्यकाल से ही मानवता की सेवा का भाव रखती थी। उन्होने अल्प आयु में ही अपना जीवन मानवता की सेवा में समर्पित कर दी। फिर उन्होंने अपना समय श्वांस संकल्प सबकुछ सफल कर दिया।
हजारों लोगों ने की प्रार्थनाः इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों ने क्रम बद्ध होकर पुष्पांजलि अर्पित की। तथा दादी के कमरे तथा उनके मेडिटेशन कक्ष में भी कुछ समय ध्यान साधना कर श्रद्धांजलि दी।











