स्वयं की मजबूती से ही दूसरों को बना सकते हैं मजबूत – सतीश महाना
संस्थान के व्यापार एवं उद्योग प्रभाग ने किया आयोजन
लाभ से परे उद्देश्य-संचालित समृद्धि का सृजन रहा प्रमुख विषय
ओम शांति रिट्रीट सेंटर में हुआ कार्यक्रम
भोरा कलां, हरियाणा। ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में व्यापारी एवं उद्यमियों के लिए तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ हुआ। परिसर के दादी प्रकाशमणी सभागार में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष माननीय सतीश महाना ने सभा को सम्बोधित किया। लाभ से परे: उद्देश्य-संचालित समृद्धि का सृजन विषय पर उन्होंने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि समय के अनुसार जरूरतें भी बदलती हैं। लेकिन जरूरतों के साथ समन्वय जरूरी है।

माननीय अध्यक्ष ने कहा कि हम अकेले नहीं हैं। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से समाज से जुड़े हैं। हम अपने जीवन में समाज के योगदान को नकार नहीं सकते। जब हम दूसरों के योगदान को महसूस करते हैं तभी असली आनन्द की प्राप्ति होती है। धन, पद और प्रतिष्ठा थोड़े समय के लिए भौतिक सुख जरूर दे सकती है लेकिन सच्ची खुशी नहीं दे सकती। हम केवल मेहनत से आगे नहीं बढ़ सकते उसके लिए सभी का आशीर्वाद भी जरूरी है।
माननीय अध्यक्ष ने कहा कि लेने के बजाय देने में असली सुख है। सच्चा सम्मान वो है, जब समाज में छोटे से छोटा व्यक्ति आपका सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति खुशी के लिए कार्य करता है। वो खुशी हमें किस अवसर पर मिलती है ये महत्वपूर्ण है। समृद्ध होना मानव का स्वभाव है। जब हम मजबूत होंगे, तभी दूसरों को मजबूत बना सकते हैं।

ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने अपना प्रेरणादाई सम्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि धन आवश्यक जरूर है लेकिन उससे जरूरी है जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश है। व्यापार समाज की धुरी है। बिना व्यापार के सामाजिक ताना-बाना स्थिर नहीं रह सकता। संतुष्टता रूपी धन सबसे बड़ा है। संतुष्टता मानव को श्रेष्ठ बनाती है। धन सभी कमाते हैं लेकिन दुआएं बहुत कम कमाते हैं। धन लाभ के लिए कमाएं न कि लोभ के लिए। धन के पीछे भागने के बजाय हम अपने को योग्य बनाएं। हमारा वर्तमान जितना श्रेष्ठ होगा, भविष्य उतना ही श्रेष्ठ होगा।

संस्थान के व्यापार एवं उद्योग प्रभाग, फरीदाबाद की क्षेत्रीय संयोजिका राजयोगिनी उषा दीदी ने अपने आशीर्वचन व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बिजनेस के साथ इजीनस भी जरूरी है। धन कमाने के साथ-साथ सुख, शांति और खुशी जरूरी है। इसका एक ही माध्यम है राजयोग। धन कमाते हुए सेवा का भाव हो।


जेएमडी समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सुनील बेदी एवं रिसोर्स डेवलपमेंट इंटरनेशनल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ राजीव गुप्ता एवं उद्योग जगत के प्रसिद्ध सलाहकार व मार्गदर्शक संजीव गुप्ता ने भी कार्यक्रम में अपने विचार रखे। व्यापार एवं उद्योग प्रभाग राष्ट्रीय संयोजक बीके हरीश कुमार मेहता ने प्रभाग के द्वारा की जा रही सेवाओं की विशेष जानकारी दी। संस्थान के बहादुरगढ़ सेवाकेंद्र की निदेशिका बीके अंजली ने सभी को राजयोग के अनुभव द्वारा शांति की गहन अनुभूति कराई। प्रभाग के सक्रिय सदस्य बीके सुरेंद्र गोयल ने अपने शब्दों से सबका आभार व्यक्त किया।
मंचासीन मेहमानों का स्वागत बैजेस एवं पौधे भेंट कर किया गया। नन्ही बाल कलाकार कानव ने नृत्य के द्वारा सभी का अभिनंदन किया। बीके चांद बजाज ने अपने सुमधुर स्वरों से सभा को उमंग-उत्साह से भर दिया। मंच संचालन बीके प्रिया एवं बीके अमृता ने किया। कार्यक्रम में 700 से भी अधिक व्यापारी एवं उद्यमियों सहित अन्य लोगों ने शिरकत की।







