विश्व धरोहर दिवस पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने ली धरोहर संरक्षण की प्रतिज्ञा
जानराय टोरिया स्थित विराट महाबली हनुमान प्रतिमा 51 फीट ऊंची एवं अष्टधातु से निर्मित स्थल पर स्वच्छता-संरक्षण अभियान
देशभक्ति और सांस्कृतिक संरक्षण का अनोखा संगम बना विश्व धरोहर दिवस कार्यक्रम
छतरपुर, मध्य प्रदेश। विश्व धरोहर दिवस के पावन अवसर पर ब्रह्मा कुमारीज़ किशोर सागर द्वारा छतरपुर में जानराय टोरिया पर स्थित श्री श्री 1008 आजानुभुज सरकार मंदिर का भ्रमण एवं दर्शन किया। ब्रह्माकुमारी परिवार ने इस मंदिर में संध्या आरती एवं सुबह आजानुभुज सरकार के दर्शन किए।
इस अवसर पर मंदिर के महंत श्रृंगारी दास महाराज जी का प्रतिनिधित्व करते हुए शीतल दास महाराज जी ने सभी ब्रह्माकुमारी बहनों का सम्मान किया एवं मंदिर के बारे में बताते हुए कहा कि यह मंदिर छतरपुर स्थापना के पहले से स्थापित है। सन 1663 में मंदिर अस्तित्व में आया फिर इसका पुनर्निर्माण कराया गया। यहां पर श्री राम आजानुभु सरकार के रूप में विराजमान है। आजानुभुज का मतलब जिसकी लंबी भुजाएं हैं। इसी मंदिर प्रांगण में अभी हाल ही में विश्व की प्रथम अष्टधातु से निर्मित और 51 फीट ऊंची महाबली हनुमान जी की प्रतिमा का भी अनावरण किया गया जिसमें दूर-दूर से संत महंतों को आमंत्रित किया गया एवं बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री जी की उपस्थिति में इसका उद्घाटन हुआ।
विराट महाबली हनुमान जी की प्रतिमा स्थल पर ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा धरोहर संरक्षण एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर उपस्थित ब्रह्माकुमारी बहनों एवं नागरिकों ने अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित, स्वच्छ और संरक्षित रखने की सामूहिक प्रतिज्ञा ली।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने “अपनी धरोहर – अपनी पहचान” का संदेश देते हुए कहा कि देश की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहरें केवल स्मारक नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय गौरव की अमूल्य पहचान हैं। इन्हें सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
इस अवसर पर उपस्थित बहनों ने प्रतिज्ञा ली कि वे स्वयं भी स्वच्छता बनाए रखेंगी और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करेंगी।
कार्यक्रम में देशभक्ति एवं आध्यात्मिक मूल्यों का सुंदर समन्वय देखने को मिला। बहनों ने बताया कि आध्यात्मिक चेतना से ही व्यक्ति में जिम्मेदारी की भावना जागृत होती है और वही भावना समाज एवं राष्ट्र की धरोहरों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अंत में सभी उपस्थित ब्रह्माकुमारी बहनों एवं स्थानीय नागरिकों ने मिलकर संकल्प लिया कि वे अपने आसपास के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की स्वच्छता, सुरक्षा और संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे तथा समाज में भी इस संदेश को आगे बढ़ाएंगे।
इसी तारतम्य में ब्रह्माकुमारी किशोर सागर पर भी इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छतरपुर क्षेत्र की सभी बहनों ने भाग लिया। कार्यक्रम के पश्चात लवकुश नगर सेवाकेंद्र प्रभारी बीके सुलेखा ने अपनी विरासतों को संरक्षित करने का संकल्प दिलाया तत्पश्चात सभी ने मेडिटेशन किया। इस अवसर पर खजुराहो सेवाकेंद्र से बीके विद्या, नौगांव से बीके नंदा एवं समस्त तहसीलों की बहनें उपस्थित रहें।












