समाज का वह वर्ग जो संपूर्ण संसार की नव निर्माण में महत्व भूमिका निर्माण करता है उन्हें प्रेम शांति सद्भावना के द्वारा नवयुग सतयुग के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है_
बीके निर्मला दीदी।
श्रम के पसीने की कद्र आज सारा विश्व करता है-डॉ0 सी.बी. शुक्ला
रीवा, मध्य प्रदेश । कला एवं संस्कृति प्रभाग के द्वारा गरीब शोषित मजदूर वर्ग के प्रति अपनी रचना निरंतर लिखने वाले, पढ़ने वाले सृजन करने वाले कवियों का सम्मान 01मई अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारी शांति धाम झिरिया रीवा में किया गया। भारत में ही नही सारे विश्व मे श्रम के पसीने की कद्र होने लगी है, क्योंकि बिना श्रमिक वर्ग के योगदान के किसी भी क्षेत्र मे विकास की योजनाओं को संचालित करना संभव नही है। मजदूर को सीमाओं मे नहीं बांटा जा सकता है, किसी भी क्षेत्र मे अपनी सेवाओं के बदले भुगतान राशि लेने वाले इसी वर्ग मे आते हैं। मजदूर छोटा या बड़ा नही होता है। यह उद्गार मजदूर दिवस के अवसर पर शांतिधाम मे आयोजित यादगार कार्यक्रम मे आशीर्वचन के रूप में भोपाल जोन की जोनल डायरेक्टर और कला संस्कृति प्रभाग की जोनल कोऑर्डिनेटर बीके निर्मला दीदी ने मजदूरों के योगदान की सराहना की और उन्हें प्रेम ,शांति, सद्भावना के मूल्य द्वारा नए संसार के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए दिल से आभार व्यक्त किया और कहा कि मजदूर वर्ग निरंतर ईमानदारी,सच्चाई ,सफाई से विश्व के नवनिर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका आदिकाल से निभा रहे हैं,उन्हें संपूर्ण संसार के द्वारा सम्मान सत्कार और आदर मिलना चाहिए। उन्हें स्वयं परमात्मा भी सम्मानित करते हैं जो संसार के नवनिर्माण में अपनी महती भूमिका ईमानदारी से निर्वहन करते हैं वह वर्ग एकमात्र श्रमिक वर्ग ही है जो समाज को सुखी और संपन्न बनाने में अपना पसीना बहा देता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कलम परिवार के संस्थापक नारायण डिगवानी ने कहा कि आज मजदूर बहुमुखी प्रतिभाओं का धनी हो गया है, किसी भी क्षेत्र मे अपनी सेवायें देने के बाद भी वह किसी भी हुनर के साथ अपनी पहचान रखता है। विशिष्ट अतिथि हिन्दू धर्म परिषद के मार्गदर्शक डी.पी. सिंह परिहार ने अपनी बात रखते हुये बताया कि समूचे विश्व की नामी इमारतें, आठों आश्चर्यों के साथ उद्योग-कम्पनियों का जिस तेजी से निर्माण और संचालन हुआ है उसने मजदूर की परिभाषा को विस्तार दिया है। विशिष्ट अतिथि बघेली सेवा मंच के अध्यक्ष भृगुनाथ पाण्डेय भ्रमर ने कहा आज का कार्यक्रम साहित्यिक चैतन्यता का प्रतीक है जो हर अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने मे अग्रणी है। राजयोगिनी बी.के. निर्मला ब्रहमा कुमारी कला संस्कृति प्रभाग म0प्र0 की जोनल डायरेक्टर के सानिध्य, स्थानीय संचालिका बी.के. लता, संयोजक बी.के. प्रकाश के मार्गदर्शन में विंध्य काव्य साहित्य परिषद कलम परिवार के अध्यक्ष नागेन्द्र मिश्रा मणी ने शुरू से अंत तक निर्वाध रूप से कार्यक्रम का संचालन किया, स्वागत उद्बोधन महासचिव रामकृष्ण द्विवेदी ने किया और आभार प्रदर्शन संरक्षक डॉ0 गीता शुक्ला गीत ने करते हुये उपसिथत अतिथियों एवं कवियों को धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कहा आने वाले समय मे राष्ट्रीय एवं विश्व क्षितिज पर विंध्य के कवि जरूर पंहुचेगें। सहयोगी अवधेश श्रीवास्तव ने पट्टा पहना कर सबका स्वागत किया। इस अवसर पर पाँच कामगार कवि-शायरों को शाल श्रीफल के साथ अतिथियों ने हिन्दू धर्म परिषद के सौजन्न्य से सम्मानित किया। जिसमे पूर्व जन सम्पर्क अधिकारी नगर निगम एवं कवि जगजीवन लाल तिवारी कक्का, नगर निगम राजस्व अधिकारी कवित्री अपूर्वा चतुर्वेदी, पूर्व शासकीय अधिकारी एवं कवि डॉ0 राजकुमार शर्मा राज, शासकीय अधिकारी बघेली गायक राजकपूर शुक्ला एवं पूर्व शिक्षक एवं शायर रफीक रीवानी का तालियों की करतल ध्वनि के साथ स्वागत वंदन किया गया। कलम परिवार द्वारा आयोजित काव्य गोष्ठी मे विंध्य के नामचीन रचनाकारों मे कविरामसुन्दर द्विवेदी एस.पी. तिवारी, अमित द्विवेदी, हसमतरीवानी, जाम रीवानी, साहिर रीवानी, आशीष खरे, प्रदुम्न नामदेव, शिवेन्द्र मिश्रा प्रखर इसी के साथ कवियित्रियों मे श्रीमती इंदिरा अग्निहोत्री, अनुराधा पाण्डेय, स्नेहा त्रिपाठी खनक, बी.के. अंशिका, भौम्या चौरसिया, मेनिका नारी, आशा चौरसिया, साधना तिवारी, रश्मी शुक्ला किरण ने मजदूर दिवस पर केंन्द्रित रचना पाठ के साथ सुरीले अंदाज मे अपनी प्रतिनिधि रचनाओं से श्रोताओं को देर रात तक बैठने को मजबूर कर दिया। सम्मानित कामगार कवियों ने भी अपनी काव्य प्रतिभा का परिचय देकर आयोजन को ऊॅचाइयों पर पहुचाया।




