मन की बातें

प्रश्न : मैं हरियाणा से हूँ, मेरी उम्र बीस साल है। मेरी समस्या ये है कि मुझे नींद बहुत आती है, क्या करूँ?

उत्तर : कइयों को अच्छे कार्यों में नींद आती है। जब पढऩे बैठे नींद आ रही है, ईश्वरीय महावाक्य सुन रहे हैं तब नींद आ रही है, योग अभ्यास करने को कहा तो तब नींद आ जाती है। एक सुन्दर उपचार है इसके लिए। ब्रेन को एनर्जी देंगे दस मिनट और दूसरा अनुलोम-विलोम, प्राणायाम जिसके भी चमत्कारिक रिज़ल्ट हम देखते हैं। क्योंकि उससे ब्रेन को ऑक्सीजन जाती है। तो ब्रेन की कई चीज़ें ठीक हो जाती हैं। कहीं ब्लॉकेज हैं वो खुल जाती हैं। ये जो अति निद्रा की समस्या है वो भी ठीक हो जाती है। इन्हें थोड़ा एक्टिव भी होना पड़ेगा। और थोड़े आसन-प्राणायाम पर ध्यान देना होगा। आधा पौना घंटा इन्हें अपने शरीर की चुस्ती के लिए कुछ करना चाहिए फिजि़कली। तो ये चुस्त हो जायेंगी और इन्हें जो नींद की समस्या है, जो उनको डल कर रही है वो समाप्त हो जाएगी।

प्रश्न : मैं लखनऊ,यूपी से हूँ। मेरी उम्र 36 वर्ष है। छह साल हो गए हैं मेरी शादी को और शारीरिक रूप से मैं सपूर्ण रूप से स्वस्थ हूँ और मेरे हस्बेंड की रिपोर्ट में कुछ न कुछ कमी आती है तो चार साल से उनका ट्रीटमेंट भी चल रहा है लेकिन इस कारण से एक संतान उत्पत्ति की बात है वो नहीं हो पा रहा है, ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?

उत्तर : वैसे तो ये राजयोग जो है आत्म शुद्धि के लिए हम चर्चा कर रहे थे। इससे बहुत सारे फायदे होते हैं मनुष्य को। ये तो टोटल प्युरिफिकेशन का मार्ग है। लेकिन एक परिवार में एक नारी को एक संतान तो कम से कम होना बहुत आवश्यक होता है, नहीं तो लोगों में बड़ी निराशा होती है। जब वो दूसरों के बच्चों को देखते हैं और लोग भी उन्हें बहुत कुछ बोलते रहते हैं, गलत शब्द भी उन्हें बोलते रहते हैं तो पूरा जीवन जैसे उनका दु:ख में व्यतीत हो जाता है। तो मैं तो ये कहूँगा कि या तो ये भगवान को अपनी संतान बना लें या आजकल बहुत सारे टेस्ट ट्यूब बेबी जिसमें और कुछ ज़रूरत नहीं रहती उसके द्वारा ये संतान का निर्माण करा लें। अन्यथा ये तीन मास तक राजयोग का अभ्यास करके देखें परंतु राजयोग का अभ्यास प्युरिटी के आधार से ही होता है। इसलिए इस बात को हम इससे जोड़ते नहीं हैं। फिर भी यदि इनको बहुत आवश्यकता है तीन मास ये रोज़ एक घंटा राजयोग अभ्यास करें इस संकल्प के साथ। लेकिन प्युरिटी बहुत मेन्टेन करें। तो प्रभु इच्छा होगी तो इनकी इच्छा पूर्ण हो जाएगी।

प्रश्न : मैं 24 साल की हूँ और मैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूँ। पापा का 12-13 साल पहले पोर्ट ब्लेयर में ट्रांसफर हुआ था। वहाँ पर सन स्ट्रोक हुआ था मुझे। तब से मैं धूप में नहीं जा पाती हूँ। एलर्जी टेस्ट कराया तो लैक्टोस, परयूम और बेसन से एलर्जी आई। तब से मैं अपनी मनपसंद चीज़ें भी नहीं खा पाती हूँ। मैं दुबारा से पहले जैसी होना चाहती हूँ। कृपया करके मुझे कोई सॉल्यूशन बताएं?

उत्तर : छोटी एज में और वो अपनी लाइफ को ही एन्जॉय न कर पाये, कुछ खा भी न सके तो इन्हें दो विशेष चीज़ करनी होगी। एक तो थोड़ा-थोड़ा पानी दिन में पाँच बार चार्ज करके अवश्य पीयें। और चार्ज करने की विधि पानी को दृष्टि देकर सात बार संकल्प करें कि मैं मास्टर सर्वशक्तिवान हूँ। पानी एक बहुत अच्छी मेडिसिन बन गई। पी भी लें और कहीं लगाना हो तो लगा भी लें। दूसरा, इन्हें प्रकृति को वायब्रेशन्स देने होंगे, क्योंकि विशेषकर सन से इन्हें कठिनाई पैदा हुई तो प्रकृति से इनका हिसाब-किताब है। ऐसा करेंगे कि रोज़ 15-15 मिनट, 15 मिनट सवेरे और 15 मिनट शाम को बाबा से पवित्र किरणें मुझे आती हैं। मैं हूँ पवित्रता की देवी और इस सम्पूर्ण प्रकृति की मालिक। पहले इस स्वमान में स्वयं को स्थित करें। फिर शिव बाबा है पवित्रता का सागर उसकी पवित्र किरणें मुझे आ रही हैं, और मुझसे चारों ओर फैल रही हैं। पवित्र किरणें लेना और फैलाना और संकल्प करें कि ये प्रकृति को जा रही हैं, उसे पावन कर रही हैं। तीसरी चीज़, इन्हें रोज़ सवेरे एक बार प्रकृति से और मनुष्यों से क्षमा याचना करनी है। रोज़ सवेरे ये मेडिटेशन में बैठें तो पहला संकल्प करें कि हे प्रकृति तू तो हमारी माँ है, तू हमारी पालना करती है। तुम्हें पूर्व जन्मों में मैंने कष्ट पहुंचाया हो, तुम्हारी कोई हानि की हो, मैं अब सच्चे मन से तुमसे क्षमा याचना करती हूँ। कृपया प्रसन्न हो जाओ और मुझे क्षमा दान दो। दूसरा, संकल्प करें कि पिछले हज़ारों वर्षों में मैंने जिनको भी पीड़ा दी हो मैं उनसे भी हाथ जोड़कर क्षमा याचना करती हूँ। प्लीज़ आप सब भी शांत हो जाओ, मुझे क्षमा करो। ऐसा करने से ये जो निगेटिव चीज़ें इनपर असर कर रही हैं ये क्षमा याचना का बहुत सुन्दर असर होगा इन प्रयोगों से। निश्चित रूप से 21 दिन कर लें ये। पानी चार्ज करके सदा पीएं और प्रकृति को वायब्रेशन्स भी सदा ही देने चाहिए क्योंकि आगे भी काम आएंगे। लेकिन ये जो क्षमा याचना है वो सात दिन कर लें।

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