रीवा (मध्य प्रदेश): प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, शांति धाम झिरिया, द्वारा “वैश्विक संस्कृति: प्रेम–शांति–सद्भावना” प्रोजेक्ट एवं पारिवारिक सद्भावना जागृति अभियान के अंतर्गत द्वादश ज्योर्तिलिंगम रथ यात्रा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह दिव्य रथ यात्रा पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक जागृति और जनजागरण का सशक्त माध्यम बनती जा रही है।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत सुसज्जित रथ पर 12 ज्योर्तिलिंगम स्वरूपों को अत्यंत आकर्षक रूप में स्थापित किया गया है। फूलों, ध्वजों एवं आध्यात्मिक प्रतीकों से सजा यह रथ शहर एवं ग्रामीण अंचलों में भ्रमण करते हुए लोगों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। रथ के माध्यम से “सृष्टि के परम कलाकार निराकार शिव बाबा” का दिव्य संदेश जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।
यह पावन यात्रा भोपाल जोन की डायरेक्टर राजयोगिनी बीके निर्मला बहन जी के निर्देशन में तथा ब्रह्माकुमारीज़ रीवा की संचालिका बीके लता दीदी के सहयोग से संचालित हो रही है। रथ के पीछे लगी झांकियों एवं चित्रों के माध्यम से शिव ज्योर्तिलिंगों का आध्यात्मिक महत्व तथा भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को दर्शाया गया है, जिससे जनमानस में भक्ति, आस्था और सकारात्मक सोच का संचार हो रहा है।
इस अवसर पर विशेष रूप से रीवा सेवाकेंद्र की संचालिका बीके लता दीदी, मऊगंज सेवाकेंद्र की संचालिका बीके पूर्णिमा दीदी, बीके प्रकाश भाई, बीके प्रमोद भाई, बीके विजय देव भाई, सुभाष भाई, बीके रोहित भाई तथा ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के अन्य भाई-बहनों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण बना दिया।
यह अभियान महाशिवरात्रि 2026 से महाशिवरात्रि 2027 तक चलने वाला एक वर्षव्यापी सेवा प्रकल्प है, जिसका मुख्य उद्देश्य परिवारों में प्रेम, एकता, नशा मुक्ति एवं सद्भावना को स्थापित करना है। रथ यात्रा गांव-गांव और घर-घर पहुँचकर आत्मिक शांति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवनशैली का संदेश दे रही है।
आज विशेष रूप से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वर्तमान देवतालाब विधायक श्री गिरीश गौतम जी ब्रह्माकुमारीज़ शांति धाम झिरिया, रीवा पहुँचे। उन्होंने भोलेनाथ शिव बाबा के द्वादश ज्योर्तिलिंगम रथ का भावपूर्ण एवं प्रेमपूर्ण स्वागत करते हुए इस दिव्य पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह अभियान मानव जाति के लिए अत्यंत कल्याणकारी है, जो समाज में प्रेम, शांति और एकता की भावना को सुदृढ़ करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार की आध्यात्मिक यात्राएं भारत को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करती हैं और सभी धर्मों को जोड़कर “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को साकार करती हैं।
इस अवसर पर उन्होंने राजयोगिनी बीके निर्मला दीदी के उत्तम स्वास्थ्य के लिए हृदय से शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि “आप शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ हों — आपका भैया सदैव आपके साथ है।”
यह दिव्य रथ यात्रा वास्तव में आत्मा का परमात्मा से मिलन कराने वाला आध्यात्मिक संगम बन रही है, जहाँ प्रेम का प्रेम से, ज्ञान का ज्ञान से, आनंद का आनंद से, शक्ति का शक्ति से, गुणों का गुणों से, सुख का सुख से, पवित्रता का पवित्रता से और शांति का शांति से दिव्य मिलन अनुभव किया जा रहा है।










