द्वादश ज्योर्तिलिंगम रथ यात्रा को बताया भारत को विश्वगुरु बनाने वाला प्रेम, शांति और सद्भावना का दिव्य अभियान
रीवा, मध्य प्रदेश। आज रीवा रियासत के महाराजा पुष्पराज सिंह जू देव विशेष रूप से शांतिधाम झिरिया रीवा पधारे एवं ब्रह्माकुमारीज़ भोपाल जोन डायरेक्टर राजयोगिनी बीके निर्मला बहन से आत्मीय एवं ससम्मान भेंट कर उनके स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।
महाराज साहब प्रारंभ से ही बड़ी बहन जी को ममतामयी माँ के स्वरूप में देखते आए हैं। अचानक शांतिधाम पहुँचकर उन्होंने बड़ी बहन जी का हालचाल जाना तथा भावुक शब्दों में कहा कि “बाबा महामृत्युंजय आपके साथ हैं, आपको कुछ नहीं हो सकता। आप सदा स्वस्थ एवं शक्तिशाली हैं। आपने जो तपस्या और सेवा की है, वह अपने आप में एक अद्भुत मिसाल है। कठिन परिश्रम और त्याग के बाद पहली बार यह सुनने को मिला कि आप अस्वस्थ हैं, लेकिन आपके ममतामयी स्नेह और मातृवत प्रेम से जीवन धन्य हो जाता है।”
इस अवसर पर बड़ी बहन जी ने भी महाराज साहब को विशेष आत्मिक स्नेह एवं प्रेम प्रदान करते हुए अपने जीवन के अमूल्य आध्यात्मिक अनुभव साझा किए। उन दिव्य अनुभूतियों को सुनकर पूरा वातावरण आध्यात्मिकता, शांति और आत्मिक शक्ति से भर गया। उपस्थित सभी भाई-बहनों ने एक अलौकिक ऊर्जा का अनुभव किया।
इसके पश्चात महाराज साहब ने द्वादश ज्योर्तिलिंगम रथ यात्रा की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर यात्रा के सफल आयोजन हेतु शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेम, शांति, सद्भावना और आध्यात्मिक जागृति का राष्ट्रीय अभियान है, जो भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा सभी धर्मों, संस्कृतियों और मानव हृदयों को एक सूत्र में जोड़ने वाली दिव्य यात्रा है। समाज में प्रेम, भाईचारा, नशामुक्ति और सकारात्मकता का संदेश लेकर चल रही यह यात्रा निश्चित रूप से मानवता के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगी।
इस अवसर पर रीवा सेवा केंद्र की संचालिका बीके लता बहन, बीके नेहा दीदी, बीके प्रकाश भाई, बीके प्रमोद भाई, बीके विजय देव भाई, बीके सुभाष भाई सहित ब्रह्माकुमारीज़ परिवार उपस्थित रहा।
महाराज साहब ने ब्रह्माकुमारीज़ परिवार को शुभकामनाएँ एवं बधाई देते हुए कहा कि “हम सदा इस ईश्वरीय सेवा और आध्यात्मिक अभियान के साथ हैं।”









