नरसिंहपुर,मध्य प्रदेश । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र ‘दिव्य संस्कार भवन’ में अंतरराष्ट्रीय मदर्स डे के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माँ की ममता के एक बलिदानपूर्ण उदाहरण ने उपस्थित सभी जनों को भावुक कर दिया।
केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी कुसुम दीदीजी ने माँ की निस्वार्थ ममता पर प्रकाश डालते हुए बरगी डैम की उस हृदयविदारक घटना का जिक्र किया, जहाँ एक माँ और बेटे की डूबने से मृत्यु हो गई थी। दीदीजी ने बताया कि “जब माँ के पार्थिव शरीर को पानी से बाहर निकाला गया, तो देखा गया कि मृत्यु के आगोश में होने के बावजूद माँ ने अपने बच्चे को अपनी बाहों में कसकर जकड़ा हुआ था।” उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि माँ का प्रेम जीवन के साथ भी है और जीवन के बाद भी है।
कार्यक्रम के दौरान दीदी जी ने उपस्थित सभी माताओं और बहनों को एक विशेष संकल्प कराया कि:
- माताएँ अपने बच्चों को केवल भौतिक सुख-सुविधाएं ही नहीं, बल्कि दिव्य संस्कार और नैतिकता की शिक्षा भी प्रदान करेंगी।
- परिवार में क्रोध और तनाव को त्यागकर प्रेम और शांति का वातावरण निर्मित करने का प्रयास करेंगी।
- समाज को व्यसन मुक्त और चरित्रवान बनाने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएंगी।
संकल्प के पश्चात ब्र कु कुसुम दीदी जी ने क्षेत्र की वरिष्ठ एवं कर्मठ माताओं को ईश्वरीय सौगात भेंट कर उनका सम्मान किया।
दीदीजी ने कहा कि ऐसी माताएं जो अपने परिवार को संस्कारों से सींचती हैं, वे वास्तव में समाज की सच्ची मार्गदर्शक और वंदनीय हैं।
श्रद्धांजलि: बरगी डैम की घटना की उस साहसी माँ सहित सभी समर्पित माताओं को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
- सांस्कृतिक प्रस्तुति: बच्चों द्वारा माँ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सुंदर कविताएं और गीत प्रस्तुत किए गए।
- राजयोग अनुभूति: अंत में ब्र कु किरण दीदीजी ने सभी को राजयोग का अभ्यास कराया और मानसिक शक्ति प्राप्त करने की विधि सिखाई।
अंत में परमात्मा सहित उपस्थित सभी मातृशक्तियों का आभार व्यक्त किया गया।








