पनवेल, महाराष्ट्र : ब्रह्मा कुमारीज़ सेवा केंद्र द्वारा मातृ दिवस के उपलक्ष्य में सभी माताओं के सम्मान हेतु विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. संजीवनी गुणे जी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन द्वारा किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी शकुंतला दीदी जी ने किया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी तारा दीदी जी ने उपस्थित माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि “माँ” शब्द छोटा अवश्य है, किंतु उसका स्थान सबसे ऊँचा है। उन्होंने कहा कि जिनके हाथों में पालने की डोर होती है, वही समाज और विश्व को नई दिशा दे सकती हैं। उन्होंने शूरवीर महाराज छत्रपती शिवाजी महाराज का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें महान बनाने वाली माता जिजाऊ थीं, इसलिए प्रत्येक माँ का स्थान सर्वोच्च है।
उन्होंने आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि हम सभी की एक परम माता परमात्मा है और उनके महावाक्य “न दुख दो, न दुख लो” को जीवन में अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी शकुंतला दीदी जी ने पाँच माताओं — धरती माँ, प्रकृति माँ, जन्मदात्री माँ, जगदंबा माँ तथा परमात्मा माँ — का आध्यात्मिक परिचय कराया।
मुख्य अतिथि ने उपस्थित माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ और सुखी जीवन के लिए “सुख दो और सुख लो” का संदेश अपनाना आवश्यक है। उन्होंने अपने 35 वर्षों के चिकित्सकीय अनुभव साझा करते हुए बताया कि माताओं के चेहरे पर खुशी देखकर उन्हें विशेष आनंद की अनुभूति होती थी। साथ ही उन्होंने कहा कि परमात्मा का ज्ञान और शक्ति उनके तथा उनके मरीजों के जीवन में सदैव सहायक रही है।
कार्यक्रम के अंत में सभी माताओं पर पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया गया तथा उन्हें परमात्मा वरदान कार्ड एवं स्मृति स्वरूप सौगात भेंट की गई।











