पुणे -पिसोली, महाराष्ट्र। ब्रह्माकुमारीज के जगदंबा भवन में नर्सेज डे के उपलक्ष्य में नर्सों के लिए विशेष प्रेरणादायी सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “नर्स – मानवता की सच्ची रक्षक” रहा, जिसमें नर्सों की सेवा भावना, मानसिक सशक्तिकरण एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य पर मार्गदर्शन दिया गया।
ग्लोबल अस्पताल के हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट ऑफ़ स्पिरिचुअलिटी एंड वेलबीइंग के बी. के. कल्पना बहन ने कहा कि संस्था का परिचय देते हुए कहा, ब्रह्माकुमारी संस्थान केवल एक संस्था नहीं, बल्कि विश्व सेवा के लिए समर्पित एक आध्यात्मिक परिवार है। आज मरीजों को केवल दवाइयों की ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति, सकारात्मकता और प्रेमपूर्ण व्यवहार की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नर्सों का सशक्तिकरण तभी संभव है, जब वे स्वयं को राजयोग ध्यान द्वारा मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाएं।
जगदंबा भवन की संचालिका बी.के. सुनंदा दीदी ने कहा कि मेडिकल साइंस और मेडिटेशन का समन्वय व्यक्ति को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि नर्सें मरीजों के साथ परिवार जैसा संबंध स्थापित करती हैं, जिससे मरीज शीघ्र स्वस्थ होने लगता है। उन्होंने नर्सों को प्रतिदिन “शांति, धैर्य और प्रेम” रूपी तीन गोलियाँ तथा “मैं भगवान की अति प्रिय संतान हूँ” यह आत्म-स्मृति रूपी इंजेक्शन लेने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ससून हॉस्पिटल एवं बी.जे. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एकनाथ पवार ने कहा कि जगदंबा भवन का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा और शांति से भरपूर है। उन्होंने नर्सों को मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ धैर्यपूर्ण व्यवहार रखने की प्रेरणा दी।
Trained Nurses Association of India, Pune की अध्यक्ष मेमचौबी कीथ ने ब्रह्माकुमारीज के मेडिकल विंग द्वारा संचालित “VIHASA” प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सम्मेलन नर्सों को मानसिक शांति और आंतरिक सशक्तिकरण प्रदान करते हैं।
ससून हॉस्पिटल की नर्सिंग अधीक्षक डॉ. राजश्री कोरके ने कहा कि जगदंबा भवन आने से सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने भविष्य में ससून हॉस्पिटल और ब्रह्माकुमारीज संस्था के बीच “VIHASA” कार्यक्रम हेतु सहयोग की आशा व्यक्त की।
डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी के जिंदाल कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्या डॉ. शारदा चव्हाण ने राजयोग जीवनशैली से अपने जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन साझा किए।
ग्लोबल हॉस्पिटल के नर्सिंग विभाग की प्रमुख बी.के. रूपा बहन ने “Empowered Nurses – Saves Lives” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि नर्सें केवल हेल्थ सिस्टम की “बैकबोन” नहीं, बल्कि उसका मुख्य केंद्र हैं।
बी.के. शोभा बहन, ग्लोबल हॉस्पिटल, माउंट आबू एवं बी.के. हर्षदा बहन ने प्रेरणादायी स्किट प्रस्तुत की। वहीं बी.के. कल्पना बहन ने “VIHASA ” की विभिन्न गतिविधियों एवं राजयोग ध्यान का अभ्यास कराया, जिससे सभी ने गहन शांति और सकारात्मकता का अनुभव किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत नशामुक्त जीवन जीने की प्रतिज्ञा ली।
कार्यक्रम में 150 से भी अधिक में नर्सिंग प्रोफेशन से जुड़े शिक्षक, विद्यार्थी एवं मेडिकल क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बी.के. शीतल बहन ने किया।






