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रीवा: स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स समर कैंप में खेल, संस्कार, राजयोग एवं द्वादश ज्योर्तिलिंगम रथ का प्रेरणादायी संगम

 मुख्य अतिथि एम. के. धौलपुरिया जी की गरिमामयी उपस्थिति में खिलाड़ियों, अभिभावकों एवं प्रशिक्षकों को मिला आत्मबल, अनुशासन, नशामुक्ति एवं द्वादश ज्योर्तिलिंगम रथ के दिव्य दर्शन का संदेश

रीवा,मध्य प्रदेश। राखी सिंह चौहान, अमर सिंह जाटव, रीतिका शर्मा, दिलीप सिंह, तोष राम कन्नौज, पप्पू यादव, लखन सिंह एवं मरावी सहित समस्त खेल विभाग की विशेष उपस्थिति एवं सहयोग में रीवा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित समर कैंप में ब्रह्माकुमारीज़ एवं मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त सहयोग से एक प्रेरणादायी एवं ऊर्जावान कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ खेल प्रशासक एम. के. धौलपूरी रहे।
इस अवसर पर 300 से अधिक बच्चों, खिलाड़ियों, उनके माता-पिता, अभिभावकों, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य खिलाड़ियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच, आत्मबल एवं श्रेष्ठ संस्कारों का विकास करना था। पूरे वातावरण में ऊर्जा, उत्साह एवं सकारात्मकता का विशेष अनुभव किया जा रहा था।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में मुख्य अतिथि एम. के. धौलपुरी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को केवल खेल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास एवं श्रेष्ठ संस्कारों की भी अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा खेल के साथ अध्यात्म और राजयोग को जोड़ने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय एवं समय की मांग है।
उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि खिलाड़ी अपने जीवन में अनुशासन, नशामुक्ति, ध्यान एवं सकारात्मक सोच को अपनाते हैं, तो वे न केवल खेल के मैदान में बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा लाया गया  द्वादश ज्योर्तिलिंगम रथ  रहा, जिसने सभी उपस्थित लोगों के मन में आध्यात्मिक शांति एवं दिव्यता का संचार किया। शिव बाबा की सुंदर झांकी एवं ज्योर्तिलिंगम के दिव्य दर्शन ने बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को अत्यंत भावविभोर कर दिया। खेल और अध्यात्म का यह अद्भुत समन्वय सभी के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।
 बीके सत्येंद्र ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि खेल केवल शरीर को मजबूत बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण व्यक्तित्व निर्माण की श्रेष्ठ कला है। उन्होंने बताया कि अनुशासन, धैर्य, आत्मसंयम एवं सकारात्मक सोच खिलाड़ी को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता दिलाते हैं। साथ ही खेल गतिविधियाँ युवाओं को नशे एवं नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
 बीके विजय देव ने सभी खिलाड़ियों एवं उपस्थित जनसमूह को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य, आत्मबल एवं सकारात्मक चिंतन पर प्रकाश डालते हुए सभी को  नशा मुक्ति का विशेष संकल्प  दिलाया तथा संस्कारयुक्त एवं श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा दी।
बीके सुभाष ने संक्षिप्त शब्दों में सभी को श्रेष्ठ कर्म, सकारात्मक सोच एवं दुआएं देने और दुआएं लेने का संदेश दिया। उन्होंने बच्चों एवं अभिभावकों से आत्मीयता एवं प्रेमभाव बनाए रखने की प्रेरणादायी प्रार्थना कराई।
कार्यक्रम के सफल संचालन एवं समन्वय में बीके रोहित की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ब्रह्माकुमारी भाई-बहनों द्वारा उपस्थित सभी लोगों को ईश्वरीय संदेश, सकारात्मक विचार एवं आध्यात्मिक साहित्य भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों, शिक्षकों, गार्जियनों एवं उपस्थित अतिथियों ने द्वादश ज्योर्तिलिंगम रथ एवं शिव बाबा झांकी के समक्ष पहुँचकर श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया तथा अपने जीवन में श्रेष्ठ संस्कार, सकारात्मक सोच एवं नशामुक्त जीवन अपनाने का विशेष संकल्प लिया। इस अवसर पर सभी को शिव भोलेनाथ का पवित्र स्मृति चिन्ह भी प्रदान किया गया।
साथ ही मुख्य अतिथि एम. के. धौलपूरी को श्री लक्ष्मी-नारायण का सुंदर आध्यात्मिक कैलेंडर भेंट कर सम्मानित किया गया।
 यह कार्यक्रम वास्तव में इस सत्य का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा कि जब खेल, राजयोग, आत्मबल, संस्कार एवं आध्यात्मिक चेतना एक साथ जुड़ते हैं, तब केवल श्रेष्ठ खिलाड़ी ही नहीं बल्कि श्रेष्ठ नागरिक एवं श्रेष्ठ व्यक्तित्व भी तैयार होते हैं।

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