रीवा,मध्य प्रदेश। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग प्रांगण, रीवा में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण एवं नशा मुक्ति जागरूकता विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 70 लोगों ने सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण तथा नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण कर किया गया। विशेष रूप से आमंत्रित ब्रह्मा कुमारीज़ के बीके सुभाष भाई एवं बीके विजय देव भाई ने वृक्षारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया तथा संगोष्ठी में अपने प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की शुद्धता और मन की शुद्धता एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। जब व्यक्ति आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाता है, तब वह नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर प्रकृति और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन कर सकता है।
संगोष्ठी में वक्ताओं का क्रम कनिष्ठ से वरिष्ठ अधिकारी तक रखा गया। सर्वप्रथम श्री सत्य प्रकाश सिंह (एसडीओ) ने पर्यावरण संरक्षण में जनसहभागिता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात श्री कैलाश जोशी, सामाजिक वानिकी रीवा ने वृक्षों के महत्व और जैव विविधता संरक्षण पर अपने विचार रखे।
श्री हिमांशु खंडेलवाल (आईएफएस) ने पर्यावरणीय चुनौतियों पर चर्चा करते हुए युवाओं से प्रकृति संरक्षण अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। श्री लोकेश गिरियारे (डीएफओ रीवा) ने वन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए प्रत्येक व्यक्ति से पौधारोपण एवं पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया।
मुख्य वक्ता श्री समीर कुमार मिश्रा (एडीजे, रीवा) ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर सकारात्मक एवं मूल्यनिष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अनुराग कुमार (सीएफ, रीवा सर्किल) ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्ति दोनों ही स्वस्थ एवं समृद्ध समाज के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने सभी उपस्थित जनों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने “एक पेड़ मां के नाम”, पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली तथा नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया। वन विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्री नीलेश श्रीवास्तव द्वारा किया गया। अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, आध्यात्मिक जागरूकता एवं नशा मुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।







