अलीराजपुर ,मध्य प्रदेश। राजयोग मेडिटेशन केवल ज्ञान की प्रक्रिया नहीं बल्कि मन को रोजाना चार्ज करने की एक आध्यात्मिक तकनीक है जैसे हम शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम करते हैं वैसे ही मन को भी सकारात्मक विचारों से सशक्त बनाना आवश्यक है। योग करने का सही तरीका है सुबह के शांत समय में कुछ मिनट स्वयं के साथ बैठना ,अपने आप को आत्मा रूप में अनुभव करना और सकारात्मक संकल्प देना मैं शांत हूं, मैं शक्तिशाली हूं, मैं पवित्र हूं इन संकल्पना को केवल बोलना नहीं लेकिन महसूस करना और मन में चित्रित करना ही सच्चा योग है। योग की महता इस बात में है कि यह हमारे विचारों को शुद्ध करता है जब विचार बदलते हैं तो व्यवहार अपने आप बदल जाता है। क्रोध, तनाव और नकारात्मकता कम होती है। उनकी जगह धैर्यता, प्रेम सहनशीलता विकसित होती है। इससे हमारे संबंध मधुर और सशक्त बनते हैं। यह विचार ब्रह्माकुमार नारायण भाई ने स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में 2028 पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम में तनाव प्रबंधन विषय पर पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए बताया । ब्रह्माकुमारी सानिया बहन ने एक्सरसाइज कराते हुए बताया कि शरीर की एक्सरसाइज हमें शारीरिक रूप से फिट बनाती है, लेकिन राजयोग मानसिक और भावनात्मक शक्ति देता है। दोनों का संतुलन जीवन को संपूर्ण बनाता है ।जब हम रोज सकारात्मक संकल्पों के साथ अपने मन को ताजा करते हैं तो हम न केवल स्वयं शांत और खुश रहते हैं बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन जाते हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी शांत मन से लिया गया निर्णय कुशल और सफलता प्रदान करता है।कार्यक्रम के अंत में पुलिस निरीक्षक राजाराम ने बताया कि मेडिटेशन से तनाव प्रबंधन में मदद मिलती है। आज की भाग दौड़ वाली जिंदगी में तनाव जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है। मेडिटेशन तनाव से मुक्ति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ऐसे कार्यक्रम आगे भी होते रहना चाहिए।







