अंतरराष्ट्रीय सभ्यताओं के बीच संवाद दिवस पर ब्रह्माकुमारीज शांति धाम झिरिया में संगोष्ठी आयोजित, नशा मुक्ति का दिलाया गया संकल्प
रीवा,मध्य प्रदेश। अंतरराष्ट्रीय सभ्यताओं के बीच संवाद दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज शांति धाम झिरिया, सब जोन रीवा द्वारा “सभ्यताओं के संवाद से विश्व शांति और मानवीय मूल्यों का विकास” विषय पर एक प्रेरणादायक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों तथा ब्रह्माकुमारीज परिवार के भाई-बहनों ने सहभागिता कर संवाद के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्ति संयुक्त संचालक स्वास्थ्य वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी.एल. मिश्रा ने कहा कि संवाद जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बचपन की मधुर स्मृतियां, शिक्षक और विद्यार्थी के संबंध, परिवार की आत्मीयता, महिलाओं की त्यागमयी भूमिका तथा समाज में सद्भावना का आधार संवाद ही है। उन्होंने कहा कि भारतीय परिवार व्यवस्था में मातृशक्ति सबको खिलाकर स्वयं भूखी रह जाती है, किंतु आज आवश्यकता है कि परिवार के सदस्य एक-दूसरे की भावनाओं को समझें और संवाद बनाए रखें। संवाद के माध्यम से व्यक्ति सुख-दुःख का सहभागी बनता है, मानसिक तनाव कम होता है तथा आत्महत्या जैसी घटनाओं में भी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि सकारात्मक संवाद स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उन्नति एवं सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व सीएमओ डॉ. एच. के. पांडे जी ने कहा कि संवाद केवल शब्दों का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि हृदयों को जोड़ने वाली एक सशक्त प्रक्रिया है। आधुनिक युग में तकनीकी साधनों की वृद्धि के बावजूद आत्मीय संवाद कम होता जा रहा है। परिवारों में संवाद की कमी तनाव, अवसाद और अनेक सामाजिक समस्याओं को जन्म देती है। उन्होंने कहा कि जब परिवार के सदस्य एक-दूसरे की बात सुनते और समझते हैं तो अनेक समस्याओं का समाधान स्वतः हो जाता है। संवाद व्यक्ति को मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वासी और सकारात्मक बनाता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज द्वारा समाज में आध्यात्मिक संवाद, नशा मुक्ति एवं मूल्यनिष्ठ जीवन शैली के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजयोगिनी बीके निर्मला बहन जी, भोपाल जोन डायरेक्टर ने कहा कि परमपिता परमात्मा शिव हमारे दिल की हर बात जानते हैं। ब्रह्माकुमारीज में प्रतिदिन मिलने वाली ईश्वरीय महावाक्य (मुरली) परमात्मा का प्रेममय संवाद है, जो मानव हृदय को शांति, शक्ति और राहत प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आत्मा का परमात्मा से संवाद अपने आप में सबसे बड़ा सौभाग्य है। जब मनुष्य ईश्वर से जुड़ता है तो उसके जीवन में आत्मिक शक्ति, सकारात्मकता और मानवीय मूल्यों का विकास होता है। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्ति स्वयं से, समाज से और परमात्मा से श्रेष्ठ संवाद स्थापित कर सकता है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व सरपंच श्री सुरेन्द्र यादव जी ने कहा कि वर्तमान समय में संवाद जैसी मूलभूत आवश्यकता धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। मनुष्य भौतिक उपलब्धियों के पीछे भागते हुए अपने वास्तविक जीवन मूल्यों और आवश्यकताओं से दूर होता जा रहा है। परिवारों में प्रेम, अपनापन, शांति और सद्भावना का वातावरण कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस भागदौड़ भरी जिंदगी में संवाद ही वह माध्यम है जो रिश्तों को जोड़ता है, पीढ़ियों को करीब लाता है और समाज में सौहार्द्र स्थापित करता है।
इस अवसर पर बीके दीपक तिवारी जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज से जुड़ने के बाद उनका जीवन पूर्णतः निरोगी एवं नशामुक्त हो गया है। यहां का आध्यात्मिक ज्ञान केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि पूर्णतः व्यवहारिक है, जो मनुष्य को देवतुल्य जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
वहीं प्रियांशु भाई ने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि पहले वे नशे की आदत से ग्रसित थे, किंतु ब्रह्माकुमारीज के संपर्क में आने के बाद उनके जीवन में अद्भुत परिवर्तन आया। उन्होंने बताया कि यहां आने के बाद एक दिन भी नशा करने की इच्छा नहीं हुई और अब वे अपना संपूर्ण जीवन श्रेष्ठ कर्मों, आत्म उन्नति तथा समाज सेवा में समर्पित करना चाहते हैं।
कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं रोचक संचालन आदरणीय बीके प्रकाश भाई जी ने सुंदर संवाद शैली में किया, जिससे संपूर्ण वातावरण आत्मीयता, प्रेम और भाईचारे से भर गया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। संगोष्ठी के अंत में उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति, सकारात्मक जीवन शैली एवं आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प दिलाया गया।
इसके पश्चात सभी अतिथियों, भाई-बहनों एवं उपस्थित नागरिकों ने एक-दूसरे के साथ आत्मीय संवाद करते हुए प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम में संवाद, सहयोग, सद्भावना, पारिवारिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक चेतना का सुंदर संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में पूर्व बीएसएनएल अधिकारी बीके प्रमोद सोनी जी, पूर्व बैंक मैनेजर मध्यांचल ग्रामीण बैंक शिखा चिटके जी, इंजीनियर राकेश शुक्ला जी, डिवाइन पैथोलॉजी से बीके उमेश भाई सहित अनेक गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों एवं ब्रह्माकुमारीज परिवार के भाई-बहनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। लगभग 50 लाभार्थियों ने कार्यक्रम का लाभ प्राप्त किया।
संवाद ही संबंधों की शक्ति है, संवाद ही समाज की संस्कृति है और संवाद ही विश्व शांति का आधार है — इसी प्रेरणादायक संदेश के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।













