राजकोट पंचशील सोसायटी,गुजरात : भारतीय संस्कृति का श्रेष्ठ शास्त्र और विषय परिस्थिति में समाधान का शास्त्र श्रीमद् भागवत गीता ही है| गीता में वर्णित परमात्मा ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लक्ष्य से पंचशील सेवाकेंद्र पर त्रिदिवसीय ‘गीता ज्ञान ट्रेनिंग’ का आयोजन किया गया|
ट्रेनिंग कराने विशेष कर्नाटक हुबली से बी के विणाबहन उपस्थित रहे| जिन्होंने सरल शब्दों में गीता के श्लोक का आध्यात्मिक अर्थ बताते हुए सभी को बार-बार रिवाइज कराया बीके टीचर्स बहन सहित 150 भाई बहनों ने इस ट्रेनिंग का लाभ लिया सफेद वस्त्र धारी फरिश्तों का सामूहिक श्लोक उच्चारण से ऐसा आभास हो रहा था कि जैसे परमात्मा का यह घर सच्ची गीता ज्ञान पाठशाला है |
ट्रेनिंग के उद्घाटन सत्र में उपस्थित रहे राजयोगिनी भारती दीदी, ब्रह्मा कुमारी बिणाबहन माधवी बहन बद्रकीया (कॉरपोरेट श्री राजकोट),राजकोट के नवनियुक्त मेयर नेहलभाई शुक्ल ने भी प्रथम दिन ट्रेनिंग के समय मुलाकात ली और अपने शुभ भावना में कहा कि ये शिक्षण जरूर समाज परिवर्तन में काम आएगा |
ब्रह्माकुमारी बिणाबहन ने मेयर को मोमेंट अर्पण किया एवं उपस्थित सभी बीके बहनों ने राजकोट के विकास के लिए शुभकामनाएं प्रदान की|
अखबार और न्यूज़ चैनल के माध्यम से भी इस ट्रेनिंग की पब्लिसिटी बहुत बड़े रूप से हुई सही रूप से यह ट्रेनिंग परमात्मा प्रत्यक्षता में निमित्त बनेगी…. ऐसा सभी ट्रेनर ने अनुभव किया।











