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भिलाई: राजस्थान के कोटा से आया ब्रह्माकुमारी सदस्यों का दल…

भिलाई,छत्तीसगढ़:  प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सेक्टर 7  स्थित राजयोग भवन में राजस्थान के कोटा शहर से ब्रह्माकुमारी सदस्यों का दल वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी के नेतृत्व में एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रवास पर पहुँचा।

ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने बताया कि संस्था के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय मधुबन आबू राज पर्वत में राजयोगिनी दादियों द्वारा भिलाई को भलाई के नाम से संबोधित किया जाता है। जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण छत्तीसगढ़ की अथक सेवाएं है, और इन सेवाओं  का केंद्र बिंदु राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी जी की अथक निस्वार्थ सेवाएं है। आपका नेतृत्व कुशल प्रशासन, निर्भय शक्ति स्वरूप स्थिति, मातृत्व पालना हम सभी के लिए आदर्श हैं।

कोटा से आए सभी सदस्यों का तिलक,पुष्पगुच्छ द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।

भिलाई सेवा केंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी जी ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि शिव शक्ति बनकर अपनी त्याग तपस्या द्वारा निर्बल आत्माओं में शक्तियों का संचार करना है।

वर्तमान समय निर्बल आत्माओं में इतनी शक्ति नहीं है जो विषम परिस्थितियों का सामना कर सके,उन्हें एक्स्ट्रा फोर्स चाहिए। तो आप आत्माओं को स्वयं में विशेष शक्ति भरकरके उन्हें हाई जम्प दिलाना है। 

इसके लिए परमात्मा से सच्चा बनकर शक्ति प्राप्त कर सर्व मनुष्य आत्माओं के प्रति निस्वार्थ शक्तियों के वरदाता बनो। 

रचता का प्रभाव रचना पर पड़ता है इसलिए वरदानी बनकर अपनी रचना को सर्व शक्तियों का वरदान दो। अभी इसी सर्विस की आवश्यकता है।

ज्ञात हो कि राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी जी भिलाई सेवा केंद्रों की प्रमुख होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़,उड़ीसा,मध्यप्रदेश, राजस्थान को मिलाकर बने इंदौर जोन की प्रमुख 5 बहनों में से एक है। जोन की 5 हजार से अधिक समर्पित ब्रह्माकुमारी बहनों की अलौकिक माँ के रूप में आप पालना के निमित्त है। साथ ही आप राजयोगा एजुकेशन एंड रिसर्च फाऊंडेशन के इंजीनियरिंग विंग की चेयर पर्सन भी है। उम्र के इस पड़ाव में आप साल भर सक्रिय रूप से मुख्यालय मधुबन आबू राज पर्वत,जोन के सभी सेवा केंद्रों के आवश्यक कार्य नए सेवाकेंद्र के निर्माण भूमिपूजन में आपकी सक्रिय भूमिका होती है।

आपके नेतृत्व में ही प्रयागराज कुंभ एवं उज्जैन सिंहस्थ कुंभ में भिलाई सेवाकेंद्र द्वारा चैतन्य देवियों की भव्य झांकी बनाई जाती हैं।

इसके पूर्व में भी पुणे ,पंजाब तथा पूरे भारत वर्ष से यूथ विंग के 200 से अधिक युवाओं ने भिलाई सेवाकेंद्र भ्रमण कर राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी जी की परमात्म शिक्षाओं को आत्मसात् किया ।

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