चौलाई खाने से क्या-क्या हो सकते हैं फायदे

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प्राचीन काल से ही आयुर्वेद के तमाम खोजों के रूप में चौलाई आज हमारे सामने है। चौलाई के सबसे पहले भारत में उगाए जाने का प्रमाण है। लेकिन अब अमेरिका और अन्य देशों में भी इसे उगाया जाता है। चौलाई के पत्ते भी काफी स्वास्थ्यवर्धक और लोकप्रिय हैं। इसमें तमाम पोषक तत्व संयुक्त होने के कारण हमें स्वस्थ रखने में सहायक होता है। चौलाई में पाए जाने वाले तमाम पोषक पदार्थों में बेहद मूल्यवान एंटीऑक्सीडेंट और फेनालिक यौगिक होते हैं। इसके अलावा चौलाई बीज और पत्तों में विटामिन और खनिज की प्रचुरता होती है। इसके तमाम औषधीय गुण और फायदे जानने के लिए निम्नलिखित बिन्दुओं को देखें।

  • आँखों के लिए
    आँखों के स्वास्थ्य के लिए विटामिन ए काफी महत्त्वपूर्ण होता है। चौलाई में विटामिन प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। इसलिए चौलाई हमारी आँखों में होने वाले संक्रमण और तमाम धब्बे, दाग, अध: पतन और मोतियाबिंद के जोखिम को भी कम करता है।
  • बालों के लिए
    चौलाई में लाइसिन नाम का एक अमीनो एसिड पाया जाता है। जिसका उत्पादन हमारे शरीर में नहीं हो पाता है। इस अमीनो एसिड की खासियत यह है कि यह कैल्शियम की दक्षता में सुधार करके बालों को मजबूती प्रदान करता है। इससे आपके बाल कम झड़ते हैं। इसके अलावा आप चौलाई का उपयोग शैंपू, बालों में मालिश आदि के लिए भी कर सकते हैं। इससे आपके बाल लंबे, घने, खूबसूरत और मजबूत होते हैं।
  • पाचन तंत्र के लिए
    चौलाई पाचन तंत्र को मजबूत करने और इसकी सक्रियता बढ़ाने में भी प्रमुख भूमिका निभाता है। चौलाई के बीज में पाया जाने वाला फाइबर हमारे पाचन एंजाइमों को सक्रिय बनाता है। इसके अलावा यह हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को भी बाहर निकालने का काम करता है।
  • प्रोटीन का स्रोत के रूप में
    प्रोटीन के लिए हम चौलाई का प्रयोग कर सकते हैं। दरअसल इसमें सभी आवश्यक 9 अमीनो एसिड पाया जाता है। बेहद दुर्लभ माना जाने वाला लाइसिन नाम का एमिनो एसिड चौलाई में भरपूर पाया जाता है। लाइसिन का मुख्य काम कैल्शियम का अवशोषण, स्नायु प्रोटीन का निर्माण, चोटों की रिकवरी और हार्मोन, एंटीबॉडीज व एंजाइमों का उत्पादन करना है। प्रोटीन की सहायता से हमारे शरीर में महत्त्व और कोशिकाओं का निर्माण होता है।
  • कोलेस्ट्रॉल को करे नियंत्रित
    कोलेस्ट्रॉल की समस्या से परेशान लोगों के लिए चौलाई का सेवन भोजन का एक अच्छा विकल्प माना जाता है। जाहिर है चौलाई के बीज में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। कोलेस्ट्रॉल के नियंत्रण के कारण ये धमनियों को सख्त होने से भी बचाता है।
  • हड्डियों के लिए
    कैल्शियम हमारी हड्डियों के लिए बेहद ज़रूरी खनिज है। चौलाई कैल्शियम से समृद्ध खाद्य पदार्थ है। इसलिए यह हमें हड्डियों से संबंधित समस्याएं जैसे ऑस्टियोपोरोसिस आदि से बचाता है। यही नहीं ये हड्डियों के रिपेयर और मजबूती में भी काम करता है।
  • वजन कम करने में
    चौलाई हमारे शरीर में इंसुलिन के स्तर को प्रभावशाली तरीके से कम करने की क्षमता रखता है। चौलाई हार्मोन को भी रिहा करके हमें पेट भरे रहने के एहसास को बरकरार रखता है। इसलिए चौलाई वजन कम करने वाले लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प माना जाता है।
  • सूजन के लिए
    चौलाई में सूजन को कम करने वाले गुण भी होते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण यह सूजन से संबंधित कई परेशानियों को कम करता है। चौलाई हमारे सेलुलर झिल्ली को ऑक्सीडेटिव नुकसान से भी बचाने का काम करता है।
  • सीलिएक से बचाये
    सीलिएक दरअसल रक्ताल्पता से संबंधित बीमारी है। यह छोटी आंत में विकार उत्पन्न करने वाले पोषक तत्वों के पाचन को मुश्किल बनाता है। चौलाई में पाए जाने वाले पोषक तत्व इस समस्या को दूर करने का काम करते हैं।
    • चौलाई के नुकसान
      • अधिक मात्रा में चौलाई का सेवन नहीं करना चाहिए।
      • शुगर से पीडि़त व्यक्ति इसके सेवन में सावधानी बरतें।
      • बच्चों और कुछ लोगों में जो कि लियोसिन प्रोटीन को सहन नहीं कर पाते, उनके लिए पेट दर्द का कारण बन सकता है।

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