मुख पृष्ठराज्यमध्य प्रदेश।इंदौर: ज्ञानशिखर में इंदौर जोन के क्षेत्रीय निदेशक रहे ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश...

इंदौर: ज्ञानशिखर में इंदौर जोन के क्षेत्रीय निदेशक रहे ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी की दसवीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई

“विश्वास के सूत्र को एकता में पिरोने के लिए अध्यात्म का साथ जरूरी”
 “ध्यान से वह शक्ति मिलती है जो हमें जीवन में फिसलने नहीं देती”- ब्रह्माकुमारी मनोरमा दीदी, प्रयागराज

इंदौर,मध्य प्रदेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ज्ञानशिखर ओमशांति भवन में इंदौर जोन के संस्थापक एवं क्षेत्रीय निदेशक रहे ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी की दसवीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। 

प्रयागराज से पधारी ब्रह्माकुमारीज़ के धार्मिक प्रभाग की राष्ट्रीय अध्यक्षा एवं विद्वान वक्ता ब्रह्माकुमारी मनोरमा दीदी ने “आपसी एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान” विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे भारत की संस्कृति आदिकाल से सर्वे भवंतु सुखिनः की रही है। जब भी कोई यहां आया तो भारतवंशियों ने उसे भी गले लगाया है। परंतु वर्तमान दौर में तरक्की के अंदाज निराले हैं इंसान के जेहन में अंधेरा और सड़कों पर उजियारे हैं। आज का जनजीवन विभाजन की श्रृंखला में बटता जा रहा है। यहां कुछ भी बिकता नहीं था, परस्पर विनिमय, परस्पर एकता, परस्पर विश्वास और परस्पर संवाद था। पर आज हम सिमटते जा रहे हैं। अब पुनः वह सूत्र जोड़ने की जरूरत है जहां वसुधैव कुटुंबकम का नारा था, हर एक में मानवता थी। यह मानवता केवल आध्यात्म ही सिखाता है। अतः अब हम अपने दीपक बने, हम प्रज्वलित हो। अगर हम चाहते हैं की जिंदगी से विभाजन खत्म हो जाए, एकता का संचार हो तो इसके लिए खुद को जानना, खुद को जगाना और खुद को महसूस करना होगा। जो सनातन है, सत्य है, चैतन्य है, हम उसको समझने का प्रयास करें तब परस्पर विश्वास की लौ जगती है कि हम सब उस एक जगत नियंता की संतान एक सूत्र से जुड़े हुए भाई-भाई हैं। इस विश्वास के सूत्र को एकता में पिरोने के लिए अध्यात्म का साथ लेना जरूरी है। और ध्यान से ही वह शक्ति मिलती है जो हमें जीवन में फिसलने नहीं देती। ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी ने यही आध्यात्म के गीत पंचमसुर में चहूं ओर सुनाएं। उन्होंने पूरी मानवता को एक सूत्र में बांधने का आजीवन प्रयास किया।

इस अवसर पर इंदौर नगर निगम के आयुक्त दिलीप यादव ने कहा कि वर्तमान में भले हमारी जीवनशैली व्यस्त है परंतु हम कोशिश करके स्वयं के लिए समय निकालने को अपनी प्राथमिकता बनाएं तो रोज ध्यान करने का यह अभ्यास हमारे अंदर कई परिवर्तन ला सकता है।

इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा की वर्तमान समय अनेकता के कारण वह स्नेह, आपसी सद्भावना, प्यार, विश्वास और बंधुत्व की भावना बदलती जा रही है। उसकी जगह स्वार्थ, अविश्वास, घृणा, नफरत, बदले की भावना और नकारात्मकता ने अपना स्थान ले लिया है। अगर हमें फिर से वही पुरानी एकता और विश्वास की संस्कृति को लाना है तो आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग का सहारा लेना होगा। आपने  भाईजी के अंग संग रहे अपने अनुभवों को साझा किया।

RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments