इंदौर, मध्य प्रदेश। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सरस्वती शिशु मंदिर, खातीवाला टैंक, इंदौर में “सप्तशक्ति संगम” विषय पर एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नारी शक्ति, सामाजिक जागरूकता तथा सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना रहा।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय से जुड़ी वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बी.के. शशि दीदी जी का समाज में आध्यात्मिक चेतना, महिला सशक्तिकरण एवं सकारात्मक जीवन शैली के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए विशेष सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुश्री रेखा चुड़ासमा दीदी उपस्थित रहीं तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती सरिता मंगवानी दीदी ने की। मंच पर विशेष रूप से श्रीमती डॉ. हिना नीमा दीदी एवं श्रीमती डॉ. पिंकी हरदिया दीदी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती नीलू नीमा दीदी द्वारा किया गया।
सम्मान समारोह के उपरांत अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में बी.के. शशि दीदी जी ने उपस्थित कन्याओं एवं उनकी माताओं से प्रतिदिन राजयोग मेडिटेशन को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान से मानसिक शांति, आत्मबल एवं सकारात्मक सोच का विकास होता है। साथ ही उन्होंने मोबाइल के विवेकपूर्ण एवं सीमित उपयोग पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि तकनीक का संतुलित उपयोग जीवन को सशक्त बनाता है, जबकि उसका अत्यधिक उपयोग एकाग्रता एवं संस्कारों को प्रभावित करता है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने बी.के. शशि दीदी जी के विचारों को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। संपूर्ण आयोजन सकारात्मक ऊर्जा, आत्मचिंतन एवं सशक्त समाज निर्माण के संदेश के साथ संपन्न हुआ।








