आगरा-इटोरा,उत्तर प्रदेश। नवरात्रि के पावन पर्व पर इटोरा स्थित खाटू श्याम मंदिर में लगने वाला प्रसिद्ध धार्मिक मेला इस क्षेत्र की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। इस मेले की विशेषता यह है कि यहां दूर-दूर से श्रद्धालु खाटू श्याम बाबा के दर्शन करने आते हैं, जिन्हें महाभारत के वीर बर्बरीक का अवतार माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से यहां की गई प्रार्थना अवश्य पूर्ण होती है और बाबा अपने भक्तों के दुख हरते हैं।
इटोरा मेले का एक आध्यात्मिक रहस्य यह भी माना जाता है कि यहां आने वाला हर श्रद्धालु अपने जीवन की समस्याओं का समाधान और मन की शांति प्राप्त करता है। नवरात्रि के समय यह मेला और भी विशेष हो जाता है क्योंकि यह शक्ति और भक्ति का संगम बन जाता है, जहां एक ओर देवी की उपासना होती है, वहीं दूसरी ओर श्याम बाबा की भक्ति का रंग भी छाया रहता है।
इसी पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आर्ट गैलरी म्यूजियम न्यू सुरक्षा विहार द्वारा एक भव्य आध्यात्मिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। सावित्री बहन (म्यूजियम, न्यू सुरक्षा विहार) के निर्देशन में बीके महावीर सिंह भाई, लक्ष्मण भाई एवं अन्य भाई-बहनों ने तन-मन से सेवा करते हुए हजारों श्रद्धालुओं को ईश्वरीय ज्ञान का लाभ कराया।
प्रदर्शनी के माध्यम से लगभग 4500 से अधिक श्रद्धालुओं को शिव संदेश वितरित किया गया तथा उन्हें परमात्मा के सच्चे स्वरूप का परिचय दिया गया। अनेक वरिष्ठ अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस ज्ञान को गहराई से समझा और इसकी सराहना की।
सावित्री बहन ने अपने संबोधन में बताया कि जैसे खाटू श्याम बाबा अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं, उसी प्रकार परमात्मा शिव भी इस कलियुग में स्वयं धरती पर अवतरित होकर ब्रह्मा के माध्यम से मानव आत्माओं को सच्चा ज्ञान प्रदान करते हैं। उन्होंने समझाया कि परमात्मा कोई साकार शरीरधारी नहीं, बल्कि ज्योति स्वरूप निराकार शिव हैं, जो हमें राजयोग मेडिटेशन सिखाकर जीवन के दुखों से मुक्ति और सच्ची शांति का मार्ग दिखाते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि मेले में आने वाली हर आत्मा अपने जीवन में सुख-शांति की खोज में होती है, और यही सच्ची प्राप्ति परमात्मा के ज्ञान और योग से संभव है। प्रदर्शनी में सरल चित्रों और व्याख्या के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि कैसे आत्मा और परमात्मा का संबंध जोड़कर मनुष्य अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकता है।
मंदिर में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं ने इस आध्यात्मिक प्रदर्शनी का लाभ उठाया, परमात्मा का सच्चा परिचय प्राप्त किया और अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया।
















