प्रश्न : मैं खुर्जा,उत्तर प्रदेश से हिमांशु गौतम हूँ। मेरा छोटा भाई ड्रिंक करता है और हर किसी से हार्ड बिहेव करता है, जिसके कारण घर का माहौल खराब रहता है। हम उसके लिए विशेष क्या अभ्यास कर सकते हैं?
उत्तर : ये घर-घर में जो आजकल ड्रिंकिंग की प्रथा चल गई है, कोई न कोई ऐसा निकल ही जाता है जो शराब का, व्यसन का शिकार हो जाता है। इससे सबकुछ बिगड़ जाता है। उसका व्यवहार बिगड़ जाता है। दूसरे लोग भी उससे कटे-कटे से रहने लगते हैं। कई अच्छे परिवार होते हैं तो उन्हें अपने सम्मान की भी चिंता रहती है। लेकिन लोगों को ये भूल गया है कि समय अब विकराल काल की ओर बढ़ रहा है। घोर अंधकार संसार में छाता जा रहा है और ये जो आधुनिक परंपराएं बन गई हैं ये मनुष्य का सर्वनाश करती जा रही हैं। हमको रोज़ ऐसे समाचार सुनने को मिलते हैं कि वहाँ ये हो गया, वहाँ ये हो गया शराब पीता था किडनी फेल हो गई, लिवर ने काम करना बंद कर दिया। अब बच्चे थे दो अभी छोटी आयु थी, अभी चालीस साल भी नहीं हुए थे। अब उसकी पत्नी रो रही है क्या करें? तो ये सब जो दुर्गति है वो बाद में मनुष्य को समझ आती है। तो इससे बचने के लिए उन्हें अब राजयोग के पथ पर कदम रखने चाहिए। अगर वो नहीं रखते जैसा इन्होंने प्रश्न किया है इनकी माँ को या इनकी पत्नी को पवित्र भोजन उन्हें खिलाना चाहिए। पानी चार्ज करके भी उन्हें पिलाना चाहिए। और खास उनके लिए एक घंटा मेडिटेशन अवश्य करना चाहिए। हमारे यहाँ माउंट आबू में हमारा हॉस्पिटल भी है, हमारे यहाँ हॉम्योपैथी डॉक्टर्स ने बहुत अच्छे कॉम्बिनेशन तैयार किए हैं, फ्री में ही दिए जाते हैं। तो उसका भी फायदा लिया जा सकता है। कोई भी आये-जाये उससे मंगा लें और उसे खिलाएं। क्योंकि इच्छा भी होती है मैं इससे मुक्त हो जाऊं अगर ज़रा भी उस व्यक्ति की इच्छा है कि मैं उससे मुक्त हो जाऊं तो वो जल्दी ही इस व्यसन से मुक्त हो जायेगा। और नहीं इच्छा है तो उसे भिन्न भिन्न तरीकों से दिया जा सकता है ताकि उस व्यसन के प्रति उसे अरूचि का भाव पैदा हो जाये और ये समस्या ठीक हो जाये। लेकिन एक घंटा योगदान, पवित्र भोजन, चार्ज किया हुआ पानी रोज़ उसको देंगे तो ज़रूर कुछ न कुछ परिवर्तन होगा।
प्रश्न : मैं ममता हूँ मुम्बई से। 2012 से ही मुझे एक प्रॉब्लम शुरू हो गई है और अनायास ही मुझे डर लगता है, नर्वसनेस रहती है और निगेटिव थिंकिंग बहुत चलती है। क्या कारण है इसका और अब मुझे क्या करना चाहिए?
उत्तर : ये समस्या अब संसार में बहुत बढ़ती जा रही है। पहले बुज़ुर्ग होने पर मनुष्य की ये स्थिति हो जाती थी कभी-कभी। तो लोग ख्याल नहीं करते थे कि बहुत साल ब्रेन को बहुत यूज़ कर लिया है, अब ये हो रहा है। तो कोई बात नहीं ठीक हो जायेगा, अंतिम स्थिति है। लेकिन आजकल ये स्थिति युवकों में भी बहुत होने लगी है। इसके कारण हैं कि बे्रन बहुत वीक हो चुका है। चारों ओर से निगेटिव एनर्जी ज्य़ादा प्रवेश कर रही है मनुष्य के मन में। चारों ओर गंदगी के अलावा और कुछ भी नहीं है। और फिर मनुष्य के अन्दर भी निगेटिव फीलिंग बहुत है। उसके निगेटिव विचार बहुत चलते हैं। तो टोटली ब्रेन और मन पॉल्यूटेड होता जा रहा है, यही कारण है इनको ये स्थिति प्राप्त हुई है। लेकिन कर्मों की गुह्य गति को जानते हैं, उनको मैं कहना चाहूँगा कि इसमें पूर्व जन्मों के कार्मिक अकाउंट का भी बहुत बड़ा रोल होता है। पूर्व में किसी ने किसी को बहुत सताया है। बहुत मानसिक पीड़ाएं दी हैं, बहुत हर्ट किया है किसी को। सोने नहीं दिया किसी को। नींद फिटा दी है। तो रिटर्न वैसा ही मिलता है ना। क्योंकि कर्म सिद्धान्त यही है कि जो मनुष्य जिसके साथ जैसा व्यवहार करेगा उसको वैसा ही व्यवहार प्राप्त होगा। उसको वही चीज़ें आ जाती हैं। तो इनकी जो मानसिक स्थिति इस तरह की हो गई है उसका यही कारण है। इन्हें अब सम्भालना पड़ेगा। ये जो निगेटिविटी है, टीवी, इंटरनेट, इनसे अपना नाता कुछ समय के लिए बिल्कुल काट दें। क्योंकि इनसे वेव्स भी बहुत बुरी आती हैं। कुछ चीज़ें मैं आपको सजेस्ट करना चाहूँगा। पहली चीज़ कि आप पानी चार्ज करके पीएं, पानी, दूध, जूस जो भी हो उसमें ये संकल्प लेंगी कि मैं परम पवित्र आत्मा हूँ। दूसरा अभ्यास आपको कुछ स्वमान चुन लेने चाहिए। और स्वमान की प्रैक्टिस ये सारा दिन कामकाज करते हुए, अपने घर में रहते हुए करती रहें। उससे आपके ब्रेन को एनर्जी मिलती रहेगी। योग अभ्यास के लिए हमारे ब्रेन को एनर्जेटिक होना चाहिए। पर जब ब्रेन वीक है तो स्वमान से उसको एनर्जी मिलती है। ये आपको ध्यान रखना पड़ेगा। बाकी योगाभ्यास के लिए आप ज्य़ादा समय न बैठें। पाँच से सात मिनट ठीक है नहीं तो चलते-फिरते कर्म में योग अभ्यास करती रहें। और तीसरी बात, जिसके गुड रिज़ल्ट हम रोज़-रोज़ सुनते रहते हैं, बे्रन को एनर्जी देना। दोनों हाथ मलते हुए मैं मास्टर सर्वशक्तिवान हूँ ये अभ्यास करके तीन बार आँख बंद करके अपने ब्रेन पर ये दोनों हाथ रख लें, ऐसा एक मिनट करें और दस बार करें। दस मिनट सवेरे और दस मिनट शाम को करें। इसके बहुत गुड रिज़ल्ट मिलेंगे। साथ-साथ आपसे कुछ भी न होता हो तो सवेरे उठकर 108 बार लिखें कि मैं मास्टर सर्वशक्तिवान हूँ। इसके वंडरफुल रिज़ल्ट निकलते हैं। जिसका समाधान ही नहीं सूझता था और मास्टर सर्वशक्तिवान का अभ्यास किया बिल्कुल सबकुछ ठीक हो गया। ये चीज़ अपनाने से मानसिक स्थिति आपकी सुधर जाएगी और ठीक हो जाएगा सबकुछ।




