मुख पृष्ठब्र. कु. सूर्यमन की बातें -राजयोगी ब्र.कु. सूरज भाई

मन की बातें -राजयोगी ब्र.कु. सूरज भाई

प्रश्न : मेरा नाम संगीता है और दो साल से ब्रह्माकुमारी विद्यालय से जुड़ी हुई हूँ। मेरा सोलह साल का बेटा जो पढऩे में काफी इंटेलिजेंट और हार्ड वर्किंग था। अभी वो घर से बाहर दूसरे टाउन में रांची में है और 12वीं क्लास में है, साथ-साथ आईआईटी की तैयारी भी कर रहा है। लेकिन कुछ निगेटिविटी उसके ऊपर हावी हो गई है। घर से बाहर जाते ही स्कूल और कोचिंग से कंप्लेन आने लगी है कि आपका बच्चा रेगुलर क्लास नहीं कर रहा है। धीरे-धीरे उसके नंबर भी कम आने लगे,वो लास्ट रैंक में रहता है। कृपया बतायें इसका क्या समाधान हो सकता है?
उत्तर : बिल्कुल इनके लिए ये चिंता का विषय है। इससे बच्चों में निराशा भी बहुत आती है कि क्या हो रहा है। क्योंकि आईआईटी तैयारी तो बहुत ही टफ होती है। तो इसमें एक प्रेशर तो रहता है। मुझे लगता है कि आयु बढऩे के साथ मनुष्य के ब्रेन में भी कई चेंजेस हो रहे हैं आजकल। और ब्रेन के भी कुछ इम्र्पोटेंट पार्ट्स डैमेज हो रहे हैं जिसको लोग आम भाषा में कहते हैं कई सेल्स डेड हो रहे हैं। तो इस कारण से बहुत बच्चों को ये परिस्थिति आ रही है। हार्मोन्स का चेंज भी कभी-कभी छोटी आयु में होने लगता है उसके कारण भी बच्चों में पढ़ाई के प्रति ऐसा लगाव जैसा, कंसन्टे्रशन की कमी, अरूचि जैसी होने लगती है। यही कारण लगते हैं और बाहर का इफेक्ट भी कुछ न कुछ होता ही है। तो इन्हें कुछ करना है तो इनकी माँ को इनके पास जाकर रहना चाहिए कुछ दिन। और रोज़ पाँच बार तो पानी चार्ज करके पिलाएं। पानी को सात बार दृष्टि दें कि मैं मास्टर सर्वशक्तिवान हूँ। फिर उसको पिलाएं और ब्रेन को बिल्कुल परफेक्ट करने के लिए इनकी माँ इनके ब्रेन को दस मिनट रोज़ एनर्जी दे। एक टाइम फिक्स कर लें। सवेरे के टाइम जितना करेंगे 6 बजे तो ब्रेन भी कूल होता है, स्टेबल भी होता है तो ज्य़ादा इफेक्ट होगा। ब्रेन को एनर्जी देने की सिम्पल विधि है दोनों हाथों को मलेंगे और तीन बार अन्दर में याद करेंगे कि मैं मास्टर सर्वशक्तिवान हूँ और फिर अपने हाथों में देखिए कितने अच्छे वायब्रेशन्स हैं। फिर दोनों हाथ अपने सिर पर लेफ्ट-राइट तरफ रख दें एक मिनट। आँखें बंद कर लें और बच्चे को कहें कि फील करो ये प्युअर एनर्जी तुम्हारे ब्रेन को नॉर्मल कर रही है। फिर से परफेक्ट बना रही है। कैपेबल बना रही है। ऐसा एक मिनट दें। ऐसा दस बार करेंगे। तो ब्रेन में कुछ गड़बड़ हो रही हो, हार्मोन्स का या जो कुछ ब्रेन की गति तो बहुत सूक्ष्म है उसे हम जान नहीं सकते। तो ब्रेन भी अच्छा हो जाएगा पहले जैसा और पानी चार्ज करके देने से हार्मोन्स का कोई डिस्ट्रबेन्स बॉडी में हो गया हो वो भी संतुलित हो जाएगा। और कई बार ऐसी सिचुएशन भी होती है कि माँ वहाँ बच्चे के पास हॉस्टल में नहीं जा सकती परमिशन नहीं है, या घर की बहुत सारी जि़म्मेदारियां है तो डिस्टेंस हीलिंग भी हो सकती है। तो ऐसे में पानी चार्ज करना बच्चे को सीखा दें और ब्रेन को एनर्जी देने के लिए वहीं से हाथों को मलते हुए वही संकल्प करें और फील करें कि उसके पास पहुंच गई और उसके सिर पर मैंने हाथ रख दिया। जो प्रक्रिया उसको प्रैक्टिकल में जाकर करनी है वो दूर से भी की जा सकती है। लेकिन बहुत कंसन्ट्रेशन के साथ करनी पड़ेगी। बिल्कुल एकाग्रचित्त होकर। तो डेफिनेटली ये राजयोग तो करती ही होंगी। तो इसको दूसरी लैंग्वेज में हम कहेंगे कि फरिश्ता बनकर वहाँ पहुंच गई। उसके सिर पर हाथ रख दिया और उसको एनर्जी दे रही हूँ। तो इसका भी इफेक्ट बहुत सुंदर होता है।

प्रश्न : मेरा नाम ऋषि है। मेरी वाइफ बार-बार हाथ धोने से परेशान है। वो कोई भी चीज़ को छूने से पहले हाथ को वॉश करती है और डे बाय डे उनकी ये जो तकलीफ है वो बढ़ती ही जा रही है। वहम भी बढ़ता चला जा रहा है। बहुत डिप्रेशन में है और बहुत वीक होती जा रही है। हमने आपका टीवी चैनल देखा और एक नई उमीद जागी है। कृपया करके सजेस्ट करें कि हम क्या करें इसके लिए?
उत्तर : इसे छूआछूत की बीमारी कहते हैं। एक छोटा-सा सजेशन मैं इनको दूंगा कि सवेरे उठते ही ये लिखें कि मैं मास्टर सर्वशक्तिवान हूँ। इससे उनके थॉट्स में बहुत पॉवर आयेगी। उनको जो इच्छा होती है कि हाथ धोऊं तो उसको ये कन्ट्रोल कर पाएंगी। दूसरा रात को सोने से पहले 108 बार ये लिखें कि मैं एक महान आत्मा हूँ इससे उनको जो डिप्रेशन जैसा हो रहा है इससे वो मुक्त हो जाएंगी। लेकिन इन दोनों में से कोई एक पति या पत्नी आधा घंटा रोज़ योगदान अवश्य करें। यदि पत्नी खुद करती हैं तो वो अपने लिए योगाभ्यास करें। यदि नहीं करती तो इनका पति इनके लिए करे। आधा घंटा। ताकि यदि कोई भी ऐसी-वैसी बात है तो वो भी समाप्त हो जाए। इसमें होम्योपैथी मेडिसिन भी वर्क करती है। आप इसके साथ-साथ वो भी ले सकते हैं।

प्रश्न : मेरा नाम ज्योत्सना है। मैं एक महिला को जानती हूँ जो कहीं भी चलते-फिरते उसे एक दौरा-सा पड़ता है, दो मिनट के लिए ही। और उसके सामने जो भी चीज़ होती है उसपे वो हाथ मलने लगती है। यदि गैस पर तवा चढ़ा हुआ है वो गर्म है तो उसपर भी वो हाथ मलने लगती है। एमआरआई, सीटी स्कैन कराया गया है लेकिन सबकुछ नॉर्मल आता है। कृपया कोई आध्यात्मिक उपाय बताएं ताकि इससे वो निजात पा सकें।
उत्तर : इसे सुनकर तो ऐसा लगता है कि ये तो ऐसा कुछ कर नहीं पाएंगी। लेकिन दूसरों को इसके लिए करना पड़ेगा। एक तो पानी चार्ज करके पिलाना और दूसरा ब्रेन को एनर्जी देना। हम चर्चा कर चुके हैं कि ब्रेन को एनर्जी कैसे दी जाती है हाथों के द्वारा। और पाँच-सात बार पानी को चार्ज करके पिलाना। इनका जो शुभचिंतक है उनको इनके लिए आधा घंटा रोज़ योग करना चाहिए वो भी तीन मास तक।

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