मुख पृष्ठWingsSecurity Services Wingआबूराज (माउंट आबू ) : ज्ञान सरोवर में सिक्योरिटी सर्विसेज विंग द्वारा...

आबूराज (माउंट आबू ) : ज्ञान सरोवर में सिक्योरिटी सर्विसेज विंग द्वारा अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन

आबूराज, (माउंट आबू ) राजस्थान । ज्ञान सरोवर के हार्मनी हाल में ब्रह्मा कुमारीज की भगिनी संस्था राजयोग एजुकेशन & रिसर्च फाऊंडेशन  के Security Services Wing द्वारा एक अखिल भारतीय सम्मेलन आयोजित किया गया।  इस सम्मेलन में देश के विभिन्न भागों से सैनिक, अर्ध सैनिक और पुलिस बल के करीब 500 पदा धिकारियो और कर्मियों ने भाग लिया. इस सम्मेलन का विषय था आत्म सशक्तिकरण और मानसिक स्वास्थ्य. दीप प्रज्वलन द्वारा सम्मेलन का उद्घाटन संपन्न हुआ।

सम्मेलन में अपना उद्घाटन भाषण प्रस्तुत करते हुए अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर के टी पर नायक ने कहा कि आज सम्मेलन स्थल पर उपस्थित होकर में काफी प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूं। यहां का माहौल बहुत अच्छा है, शांति का और आध्यात्म का माहौल है। ब्रह्मा कुमारीज ने काफी समय से देश और दुनिया भर में जनकल्याण के लिए काफी कार्य किया है।  मुझे याद आता है कि हम स्कूलों में प्रार्थना किया करते थे कि हम सभी शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक रूप से जीवन में शुद्ध रहे, ब्रह्माकुमारियां भी यही शिक्षा लोगों को दे रही हैं। हमारे सैनिक राष्ट्र की चुनौतियों का बहुत बहादुरी से सामना कर रहे हैं, हम सभी को उन पर गर्व है। 2047 तक विकसित भारत बनने तक हमारे सैनिकों के सामने बहुत सारी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों की वजह से सैनिकों को तनाव झेलना पड़ता है, मेडिटेशन के माध्यम से हम अपने उस तनाव को मैनेज कर सकते हैं। मन में शांति की अनुभूति करने पर हम  अपना कार्य और बेहतर तरीके से कर सकेंगे, हम सभी को अपनी भूमिका का निर्वाह पूरी ईमानदारी से करना है। जीवन में आध्यात्मिक दायरा अपनाना, हमें आत्मिक रूप से सशक्त बनाता है और मानसिक रूप से प्रबुद्ध बनाता है। हमारे जीवन में जब संतोष रूपी धन आ जाता है तो मन में ठहराव और स्थिरता आती है। संतोष धन सर्वश्रेष्ठ धन है जो मन की शांति से प्राप्त किया जा सकता है। 

ब्रह्मा कुमारीज की संयुक्त मुख्य प्रशासिका तथा सम्मेलन स्थल ज्ञान सरोवर की डायरेक्टर राजयोगिनी  सुदेश दीदी जी ने सम्मेलन को अपना आशीर्वचन दिया. पधारे हुए सभी सैन्य कर्मियों को याद कराया कि वे सभी अपने ही परिवार में अपने घर में शिव बाबा के घर में पधारे हुए हैं।

आपने कहा कि आज संसार की परिस्थितियों को देखते हुए प्राय हर कोई डरा हुआ है। ऐसे मेंआत्म सशक्तिकरण की काफी जरूरत है। मन के साथ-साथ दिमाग के भी सशक्तिकरण की जरूरत है. शरीर को चलाने वाली आत्मा चैतन्य है. शांति आत्मा को चाहिए शरीर को नहीं। जिस संतोष रूपी धन को सर्वश्रेष्ठ कहा गया, वह संतोष रूपी धन आत्मा को प्राप्त होता है शरीर को नहीं। मृत शरीर के पास मस्तिष्क तो है मगर संतोष रूपी धन नहीं है, इस बात की गहराई को समझना है. शरीर में रहते हुए भी हमें खुद को शक्तिशाली बनाना है। कहा गया है लाइट इस gone लाइफ इस gone.आत्मा एक लाइट है, इस आत्मा में ही प्रकाश है शक्ति है, इसमें ही मन बुद्धि है। परमपिता परमात्मा के साथ मनन चिंतन के द्वारा हम अपनी आत्मा का सशक्तिकरण करते हैं।

मेजर जनरल अनिल चंदेल ने भी आज के इस सम्मेलन को अपनी शुभकामनाएं दी।  आपने कहा कि आज इस सम्मेलन स्थल पर खुद को उपस्थित पाकर मैं बहुत प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूं। इनके द्वारा दी गई शिक्षाएं मानसिक शांति प्राप्त करती हैं। आज सैनिकों के सामने हर दिन नई-नई चुनौतियां आती रहती हैं।

यहां तक की सेवा निवृत होने के पश्चात भी अपने घर परिवार में जाने के बाद ऐसा नहीं कि उनकी चुनौतियां कम हो जाती हैं। बल्कि अलग-अलग प्रकार से उन चुनौतियों में बढ़ोतरी ही होती है। यहां उपस्थित हमारे सभी सैन्य कर्मी अत्यंत भाग्यशाली हैं कि उनको यहां दी जा रही शिक्षाएं अच्छे तरीके से प्राप्त हो रही हैं।

इन शिक्षाओं को धारण करके मानसिक शांति प्राप्त कर सकते हैं,आत्म सशक्तिकरण कर सकते हैं और खुद को देश के लिए अधिक उपयोगी बना सकते हैं।

संस्थान के महासचिव तथा मीडिया प्रभाग़ के चेयरपर्सन राज योगी करुणा भाई जी ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किए। आपने कहा कि मैं 1960 में पहली बार माउंट आबू में इस आश्रम पर आया। मुझे उस समय यहां पर पांच बहुत महत्वपूर्ण बातों की शिक्षा दी गई जिसके आधार पर मैं आज तक अपने आप को संचालित कर रहा हूं। मुझे बताया गया कि हम सामान्य मानव मात्र नहीं हैं बल्कि हम अजर अमर अविनाशी आत्मा हैं। मुझे यह भी बताया गया कि शारीरिक पिता के साथ-साथ पारलौकिक पिता भी मेरे पिता हैं और अलौकिक पिता भी मेरे पिता हैं। इस प्रकार से हम सभी के तीन पिता हैं। ईश्वरीय संतान होने के नाते हमें सुख शांति की अनुभूति करनी है और दुनिया को भी सुख शांति की अनुभूति कराना है। हर दिन अमृत वेले 4:00 बजे से 5:00 बजे तक एक घंटा परमपिता परमात्मा के साथ अपना ध्यान स्थिर करना है। ऐसा करने से ही सारी ईश्वरीय शक्तियां आत्मा के अंदर आती है और आत्म सशक्तिकरण होता है। 

कोस्ट गार्ड के आईजी टी शशि कुमार ने भी अपना वक्तव्य रखा। आपने कहा कि गत वर्ष जब यह सिक्योरिटी सर्विसेज स्विंग अपनी सिल्वर जुबली मना रहा था तो मैं भी उस कार्यक्रम में उपस्थित था। मुझे गर्व हो रहा है कि मैं आज फिर से विंग के कार्यक्रम में उपस्थित हूं। मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है कि इस श्रेष्ठतम आध्यात्मिक संगठन के साथ हम सभी उनके कार्यक्रम में सहभागी हो रहे हैं। इस संस्थान ने पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया है। इनके द्वारा दी गई शिक्षाएं अमृत के समान हैं। इस संस्थान ने महिलाओं को अग्रणी भूमिका दिया है जो अत्यंत कल्याणकारी है। इस संस्थान ने हमें अंतर्मन की यात्रा करना सिखलाया है और इसी के आधार पर हम आत्म सशक्ति करण तथा मानसिक सशक्ति करण कर सकते हैं।

सम्मेलन में संस्थान की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राज योगिनी जयंती दीदी का वक्तव्य ,संदेश पढ़कर सुनाया गया। सिक्योरिटी सर्विसेज विंग के अध्यक्ष राज योगी अशोक गाबाजी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सुरक्षा प्रभाग की उपाध्यक्ष राज योगिनी शुक्ला दीदी जी ने भी सम्मेलन में पधारे हुए सभी सैन्य कर्मियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी । कैप्टन शिव सिंह ने आज के इस कार्यक्रम का संचालन किया तथा सुरक्षा प्रभाग की गतिविधियों से सभी को परिचित करवाया।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments