दिल्ली-पांडव भवन, करोल बाग: ब्रह्माकुमारीज के ऐतिहासिक सेवास्थल पाण्डव भवन, करोल बाग—जहाँ समय-समय पर पूजनीय दादियों का आगमन होता रहा है । हम सबकी अतिप्यारी आदरणीया मुन्नी दीदी जी के आगमन पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। बाबा के घर को फूलों एवं लाइटिंग के द्वारा सजाया गया जिसकी शोभा देखते ही बनती थी।

आरंभ में प्रवेश द्वार पर ही दीदी जी ने एवं मृत्युंजय भाई एडिशनल जर्नल सेक्रेटरी साथ में प्रकाश भाई, रविभाई, दिल्ली, जगमोहन भाई आदि सब ने मिलकर बहुत ही गीतों नृत्य के बीच बड़े ही उमंग से दीप जगाये।21 तारीख को इस अवसर पर संस्थान की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका आदरणीया मुन्नी दीदी जी, आदरणीया आशा दीदी जी, पुष्पा दीदी एवं मधुबन से पधारे अमूल्य रत्नों नवनिर्मित हॉल ” दादी गुलज़ार मेडिटेशन हॉल” का सभा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा केक कटिंग, उनके स्वागत अभिनंदन के साथ बड़े उमंग उत्साह में किया गया।

आदरणीया मुन्नी दीदी जी ने अपने अमृत वचनों में इस स्थल की विशेषता को उजागर किया। उन्होंने कहा कि यह स्थान अत्यन्त पावन एवं ऐतिहासिक है, क्योंकि यह दिल्ली में यज्ञ का प्रथम भवन रहा है। यहाँ आदरणीय दादियों एवं मुख्य भाइयों का सेवा हेतु निरंतर आगमन होता रहा है।दीदी जी ने स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि दादियों को इस भवन पर अत्यन्त गर्व था और वे स्नेहपूर्वक ‘हमारा पाण्डव भवन’ कहकर इसे याद करती थीं। उन्होंने ब्रजमोहन भाई जी को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि वे अपने मधुर व्यवहार और हँसमुख स्वभाव से दादियों को सदा प्रसन्न रखते थे, जिससे वातावरण आनंदमय बना रहता था। अंत में दीदी जी ने सभी को संदेश देते हुए कहा कि हमें बड़ों की आज्ञा का पालन करना चाहिए, सदा आज्ञाकारी रहना चाहिए तथा स्वयं को जिम्मेदार समझते हुए सेवा में तत्पर रहना चाहिए।

साथ ही ओ.आर.सी. की निदेशिका बी के आशा दीदी ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई, बधाइयां दी तथा मुरली द्वारा सब का ज्ञान श्रृंगार किया।

पाण्डव भवन की निदेशिका बी के पुष्पा दीदी जी ने आदरणीया मुन्नी दीदी जी एवं उनके साथ पधारे यज्ञ के मुख्य रत्नों का भी मंच पर अभिनंदन सम्मान किया।
मंच संचालन बीके विजय बहन ने कुशलतापूर्वक किया। “आपके आने से” स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया तथा रेनू एवं शोभा द्वारा मधुर गीत प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया गया। आदरणीय मुन्नी दीदी जी की महिमा में विशेषताओं की माला पहनाई गई तथा कुमारों द्वारा विशेष संवाद भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य व्यक्तियों सहित लगभग 400 भाई-बहन उपस्थित रहे। अंत में सभी ने भावपूर्ण वातावरण में ब्रह्मा भोजन ग्रहण किया। सभी को याद सौगात भी दी गई।










