मन की सच्ची शांति ही सुख का आधार – राजयोगिनी मुन्नी दीदी
दादी गुलज़ार शांति उपवन का हुआ उद्घाटन- राजयोगिनी मुन्नी दीदी ने किया रिबन काटकर शुभारम्भ- रजत रश्मियां अभियान के तहत वर्षभर चलने वाले अनेक कार्यक्रमों की हुई शुरुआत
मानेसर,हरियाणा। ब्रह्माकुमारीज़ के मानेसर स्थित दादी गुलज़ार शांति उपवन का उद्घाटन संस्थान की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मुन्नी दीदी ने किया। मुन्नी दीदी ने गुलज़ार उपवन में दादी गुलज़ार जी की स्मृतियों से सज़े बहुत सुंदर चित्र संग्रहालय एवं योग अनुभूति कक्ष का भी अनावरण किया। दादी गुलज़ार शांति उपवन, दादी गुलज़ार जी की स्मृति में बनाया गया तपस्या स्थल है। दादी जी ने अपना काफी समय इस तपोभूमि में व्यतीत किया। दादी जी सदैव ही सच्चाई, सादगी और विनम्रता की प्रतिमूर्ति रही। बचपन से ही 8 वर्ष की आयु से दादी जी अपनी माता जी के साथ आध्यात्मिकता से जुड़ी। दादी जी का जीवन शुरू से बड़ा ही निर्मल और पवित्र रहा। दादी जी के 87 वर्षों का आध्यात्मिक सफर सभी के लिए प्रेरणादायक रहा। अपने जीवन के अंतिम कुछ वर्षों में दादी जी संस्थान की मुख्य प्रशासिका रही।

मुन्नी दीदी ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि ये स्थान शांति की तपोस्थली है। इसका नवीनीकरण जीवन में नवीनता प्रदान करेगा। आत्मिक उन्नति का ये विशेष केंद्र है। उन्होंने कहा कि मन की सच्ची शांति ही सुख का अनुभव कराती है। जिस प्रकार आज विश्व का वातावरण है, उसके लिए इस प्रकार के शांति स्थल जरूरी हैं। क्योंकि योग ही एक ऐसा माध्यम है, जिससे हम शांति के प्रकम्पन विश्व में फैला सकते हैं।
इस अवसर पर रजत रश्मियां अभियान के तहत वर्षभर चलने वाले अनेक कार्यक्रमों की शुरुआत भी की गई। जिनमें 1008 घंटे की योग तपस्या से विश्व में शांति, घर मेरा स्वर्ग, कर्मयोग के द्वारा सशक्त भारत, डिजिटल वेलनेस, शांति मेरा स्वभाव, गिविंग लव, रिस्पेक्टिंग मदर नेचर, ओवरकमिंग ओवर थिंकिंग, हर दिन विशेष पुण्य कर्म करें आदि प्रमुख हैं। दीप प्रज्वलित कर अभियान का शुभारम्भ हुआ।

सभा को सम्बोधित करते हुए ओआरसी की निदेशिका आशा दीदी ने कहा कि गुलज़ार उपवन का उद्देश्य विश्व शांति के लिए योग के प्रकम्पन फैलाना है। यहाँ पर योग तपस्या के कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि दादी गुलज़ार ने इस स्थल पर गहन योग तपस्या की है। जिसका प्रभाव अभी भी नज़र आता है। यहाँ आते ही अशांत मन को शांति का अनुभव होता है। राजयोगिनी शुक्ला दीदी एवं राजयोगिनी लक्ष्मी दीदी ने भी कार्यक्रम के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की। कार्यक्रम में संस्थान के मुख्यालय माउंट आबू से अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में चांद बजाज एवं बीके रीना ने अपने सुमधुर स्वरों से गीत के द्वारा सबका स्वागत किया। बाल कलाकार नव्या एवं भव्या ने नृत्य से सबका मन मोह लिया। मंच संचालन बीके विद्यार्थी ने किया। कार्यक्रम में दिल्ली एवं एनसीआर क्षेत्र से संस्थान से जुड़े 1200 से भी अधिक सदस्य सम्मिलित हुए।











