इंदौर, मध्य प्रदेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मेडिकल प्रभाग के द्वारा आज 31 मई ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ के अवसर पर ज्ञानशिखर ओमशांति भवन से आमजन में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक स्तर पर रैली निकाली गई, जिसका समापन पलासिया चौराहा ‘आई लव इंदौर’ के पास किया गया, जहां बहुत सुंदर व्यसन मुक्ति आध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी लगाई गई।
इस अवसर पर ‘आई लव इंदौर’ के पास एक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें अपने विचार व्यक्त करते हुए चीफ़ मेडीकल ऑफिसर डॉ माधव हसानी ने कहा कि तंबाकू एक धीमा जहर है। कोई भी व्यक्ति जब नशे की शुरुआत करता है तो उसे क्षणिक आनंद की अनुभूति होती है, अपना दुख, दर्द,तनाव कुछ समय के लिए भूल जाता है, लेकिन धीरे-धीरे इसका सेवन करते रहने से यह शरीर के अंगों पर असर डालते गंभीर बीमारियों का कारण बन इंसान को मौत के मुंह में ले जाता है। अतः इससे बचने के लिए जन जागरूकता अति आवश्यक है। इसके लिए सरकार भी अलग-अलग प्रकार से लोगों को नशे से मुक्त करने का प्रयास कर रही है। इसमें ब्रह्माकुमारी संस्थान का प्रयास सराहनीय है ।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कमेटी के अध्यक्ष डॉ. दिलीप आचार्य ने बताया कि तंबाकू में 700 प्रकार के केमिकल्स होते हैं जिसके कारण एक बार इसका सेवन कर लेने से ही लोग इसके शिकार हो जाते हैं, कई बार प्रयास करने के बाद भी छोड़ नहीं पाते। इसलिए इसके नुकसान को जानकर किसी भी तरह के नशे की शुरुआत ही ना करें तो ज्यादा अच्छा होगा।

इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने बताया कि आमतौर पर मनुष्य तनाव को समाप्त करने के लिए नशे का सहारा लेता है लेकिन नशा किसी भी प्रकार का हो यह हमारे तन, मन, धन, संबंध सभी को हानि पहुंचाता है। इसलिए हमें यह समझना है कि हमारा यह जीवन कितना मूल्यवान है। इसकी एक-एक श्वास कीमती है। इसे हम केवल धुएं में ना उड़ा दे, बल्कि स्वयं को दिव्य और श्रेष्ठ बनाने के लिए खुद को नशे से दूर रखें, अपने को, परिवार और समाज को श्रेष्ठ बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हो नशे से मुक्त रहें। इसके लिए स्वयं को परमात्मा से जोड़ अपनी विल पावर को बढ़ाएं।
वी वन हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. ए. एल. शर्मा ने कहा कि छोटे-छोटे दुकानों पर आसानी से उपलब्ध हो जाने वाला पाउच कितना खतरनाक है, जिसका आज की पीढ़ी बहुत सहजता से सेवन करने लगी है। आपने खेद जताते हुए कहा कि आज कॉलेज, हॉस्टल की बच्चियाँ भी सिगरेट, शराब, आदि का सेवन करने लगी है। इसके लिए युवा पीढ़ी के साथ-साथ अभिभावकों को भी सावधान करने की जरूरत है।
सामाजिक न्याय विभाग के जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर रजत नागदा ने कहा कि तंबाकू हर नशे की पहली सीढ़ी है। नशे की शुरुआत तंबाकू से होती और धीरे-धीरे व्यक्ति बड़े नशों का गुलाम बन जाता है। अतः इससे मुक्ति पाने के लिए दवाइयां से भी प्रभावी राजयोग मेडिटेशन है।
सुप्रसिद्ध कैंसर सर्जन डॉ. संजय देसाई ने कहा कि मुख, पेट, लिवर तथा आंतों की जानलेवा बीमारी ‘कैंसर’ का मुख्य कारण किसी न किसी प्रकार का नशा ही है। अतः हमें अपने मनोबल को सशक्त बनाकर नशे से मुक्त रह स्वयं को स्वस्थ रखना है।
नगर निगम के पूर्व अधीक्षण यंत्री महेश शर्मा ने कहा कि जो लोग तंबाकू, गुटके का सेवन करते हैं वह अपने शहर की स्वच्छता को भी नुकसान पहुंचाते हैं, कहीं भी डिवाइडर, चौराहे, आदि में गंदगी फैलाते हैं। अतः स्वयं को नशे से दूर रख अपने देश को उन्नति और प्रगति के पथ पर ले जाएं।
कार्यक्रम में रैली की शुरूआत अतिथियों ने शिव ध्वज दिखाकर की तथा संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी का दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया गया। जिसमें ब्रह्माकुमारी संस्थान की अलग-अलग क्षेत्रों की वरिष्ठ बहनें, डॉ. शिल्पा देसाई, डॉ. गिरीश टावरी, डॉ. संगीता टावरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कालानी नगर के बच्चों ने नुक्कड़ नाटक कर नशे के नुकसान से सभी को अवगत कराया।
अंत में ब्रह्माकुमारी संस्थान के सदस्यों तथा अनेक गणमान्य लोगों ने मिलकर स्वयं को, अपने परिवार, समाज तथा भारत को नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन मेडिकल विंग की जोनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमारी उषा बहन ने किया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान “नशा मुक्ति रथ” विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।












