जैसा हमारा चित्त होता है, हमें संसार भी वैसा ही दिखाई देता है। यदि मन में सकारात्मकता और सद्भाव हो, तो हर ओर अच्छाई नज़र आती है। हालात भले डगमग हों, मन अच्छाई पर स्थिर रहता है।
‘तुझे हर किसी की तारीफ करने की आदत है, शायद इसी वजह से तू चुंबक की तरह लोगों को अपनी ओर खींच लेती है। ’मेघा ने चचंल से कहा। चंचल मुस्कुराते हुए बोली, ‘हर इंसान में कुछ न कुछ अच्छाई होती है। अगर हम वही देखें और उससे सीखें, तो रिश्ते भी बेहतर बनते हैं और मन भी हल्का रहता है।’
दूसरों की अच्छाइयों पर ध्यान देने की आदत रिश्तों को मधुर बनाती है और सकारात्मक सोच हमें अधिक आत्मविश्वासी व सफल बनने में मदद करती है। यही है पॉजि़टिविटी हैक।
अच्छा महसूस होना
शोध बताते हैं कि दूसरों की सराहना करने से मस्तिष्क में क्रफील गुडञ्ज हार्मोन बढ़ते हैं और तनाव कम होता है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, लोगों की अच्छाई देखना कॉर्टिसोल घटाकर रक्तचाप संतुलित रखने में मदद करता है। वहीं शॉन एकर अपनी पुस्तक ‘द हैप्पीनेस एडवांटेज’ में बताते हैं कि सकारात्मक नज़रिया दूसरों से सीखने, प्रेरित रहने और अधिक सफल बनने में मदद करता है।
सराहना से बढ़ेगा अपनापन
जब आप दूसरों की अच्छी आदतों और गुणों को पहचानते हैं, तो लोग स्वाभाविक रूप से आकर्षित होते हैं और आप पर भरोसा करने लगते हैं। डेल कार्नेगी की कालजयी पुस्तक ‘हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इंफ्लुएंस पीपल’ का मूल संदेश भी यही है – दूसरों की सच्ची प्रशंसा करें और उनमें वास्तविक रूचि लें। ऐसा करने से रिश्ते मजबूत बनने के साथ-साथ समाज में सम्मान और प्रभाव भी बढ़ता है।
व्यक्तित्व में आएगा निखार
दूसरों की अच्छी आदतों पर ध्यान देने से हम अनजाने में उन्हें अपने जीवन में अपनाने लगते हैं। स्टीफन कवि की पुस्तक क्रद सेवेन हैबिट्स ऑफ हाइली इफेक्टिव पीपलञ्ज में बताया है कि प्रभावी लोगों की खूबियों को समझना व उनसे सीखना हमें अपने व्यक्तित्व का बेहतर संस्करण बनने में मदद करता है।
प्रशंसा से पनपेगा आत्म-सम्मान
दूसरों में अच्छाई खोजने से हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है। जब हम किसी के गुणों की सराहना करते हैं, तो हमारा अवचेतन मन स्वयं को भी उसी सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ लेता है। मेंटल हेल्थ फाउंडेशन के अनुसार, दूसरों की मदद करना और उनके प्रति सकारात्मक रहना आत्म-सम्मान को मजबूत करता है तथा भीतर संतुलन और मानसिक स्थिरता की भावना को बढ़ाता है।
भावनात्मक बुद्धिमता में वृद्धि
लोगों की अच्छी आदतों को ध्यान से देखना हमारी अवलोकन शक्ति को बढ़ाता है, जो क्रभावनात्मक बुद्धिमताञ्ज का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। डैनियल गोलमैन अपनी बेस्टसेलर पुस्तक क्रइमोशनल इंटेलिजेंसञ्ज में लिखते हैं कि दूसरों के नज़रिए और गुणों को समझना प्रभावी नेतृत्व की पहचान है, क्योंकि इससे हम उनके व्यवहार के पीछे छिपे सकारात्मक कारणों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
बढ़ेगा जुड़ाव, घटेगी तन्हाई
लोगों के प्रति सकारात्मक नज़रिया अपने दु:खों से बाहर लाने में मदद करता है। जो लोग दूसरों की अच्छाइयों पर ध्यान देते हैं, उनमें अकेलापन कम होता है। दूसरों में अच्छाई देखना एक सकारात्मक क्रहैबिट लूपञ्ज बनाता है। लोग जितनी अच्छाई देखते हैं, उतनी ही मन में शांति और खुशी बढ़ती है।
मिलेगा परस्पर सम्मान
जब आप किसी के अच्छे गुणों की सच्ची सराहना करते हैं, तो वह व्यक्ति आपके प्रति अधिक सहयोगी और सकारात्मक हो जाता है। लोग उन लोगों के साथ बेहतर व्यवहार करते हैं जो उन्हें अच्छा महसूस कराते हैं। यहीं से आपके सम्मान का सकारात्मक चक्र शुरु होता है।
प्रभावी बनेगा कामकाज
पेशेवर जीवन में लगातार कमियां निकालने से कार्यस्थल का माहौल तनावपूर्ण बनता है, जबकि सहकर्मियों की अच्छाइयों पर ध्यान देने से उत्साह बना रहता है। शोध बताते हैं, सकारात्मक गुण पहचानने वाले कर्मचारियों की कार्यक्षमता लगभग 30प्रतिशत अधिक होती है।
बदल जाएगा नज़रिया
जब हम किसी की अच्छी आदत, जैसे समय की पाबंदी या धैर्य की सराहना करते हैं, तो बिना हीन भावना के अपनी कमियों का भी एहसास होता है। यह आत्म-सुधार का सहज तरीका है। रे डेलियो अपनी पुस्तक क्रप्रिंसिपल्सञ्ज में क्रखुले मन और दिलञ्ज पर ज़ोर देते हैं, जो तभी संभव है जब हम दूसरों की खूबियों को स्वीकार करें।
हमेशा ध्यान रहे…
दिमाग की आदत बनाएं
हमारा दिमाग उसी दिशा में ढलता है, जिस दिशा में हम सबसे ज्य़ादा सोचते हैं। दूसरों में अच्छाई देखने का अभ्यास मस्तिष्क की संरचना तक बदल सकता है, जिससे लोग स्वाभाविक रूप से अधिक शांत और खुश रहने लगते हैं।
असहमति पर भी न भूलें
कठिन परिस्थितियों या झगड़ों के दौरान भी सामने वाले की किसी एक अच्छी बात को याद रखना स्थिति को बिगडऩे से बचा सकता है। असहमति के समय भी व्यक्ति के सकारात्मक इरादों पर ध्यान दें, इससे कड़वाहट कम होती है।
करते रहें कृतज्ञता का अभ्यास
सकारात्मक दृष्टिकोण शारीरिक लाभ भी देता है। दूसरों की सराहना करने वाले लोग अक्सर कम बीमार पड़ते हैं। दूसरों की अच्छाई को स्वीकार करने से हृदय रोग का खतरा कम होता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है।





