कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मनमोहक झांकी को देखने के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालु
सटई,मध्य प्रदेश। ब्रह्माकुमारीज़ वरदानी भवन में शनिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिजावर उप सेवा केंद्र प्रभारी बी.के. प्रीती दीदी ने की। बी.के.प्रीती दीदी ने आज ही 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों का मोतियों की माला, ईश्वरीय सौगात, पुष्प गुच्छ देकर सम्मान किया। शिक्षकों का महत्व बताते हुए कहां- साथियों, माता-पिता हमें जन्म देते हैं हमारा पालन- पोषण करते है। लेकिन शिक्षक हमें जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाते हैं। शिक्षक सिर्फ किताबों के पाठ नहीं पढ़ाते। शिक्षक हमें सिखाते है कि मुश्किल समय में कैसे आगे बढ़ना है, सही और गलत में अंतर कैसे समझना है,और अपनी जिम्मेवारी को कैसे निभाना है। आज देश में डॉक्टर, इंजीनियर,विज्ञान,शिक्षक, कलाकार, अधिकारी और अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे लाखों लोग हैं। उनकी सफलता की नींव रखने में किसी न किसी शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कार्यक्रम में बाल गोपाल, श्री कृष्ण की युवावस्था की चैतन्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बाल कलाकारों द्वारा नृत्य, रास नृत्य, समूह नृत्य प्रस्तुत किया गया। जिसमें अवधेश भाई का चूड़ी बेचने वाला नृत्य सभी को मनमोहन लगा तथा सभी ने इस गीत में रासलीला का भी आनंद लिया। प्रीती दीदी ने श्री कृष्ण की हर अवस्था में सीखने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में सभी शिक्षक उपस्थित रहे। जिनमें कविता सोनी, विमला साहू , जगदीश प्रसाद कबीर, उमाशंकर सोनी, सुनील विश्वकर्मा, हिसाबीलाल साहू, आकाश सोनी, सुरेंद्र सोनी, महेंद्र कुशवाहा,रिंकू दुबे, ओमप्रकाश दुबे, आदि सभी शिक्षक गण ने कार्यक्रम का लाभ लिया। अंत में बी.के. प्रीती दीदी ने सभी को परमात्मा का रक्षासूत्र बांधा और प्रसाद वितरण किया।





