सुन्नी,हिमाचल प्रदेश: राज्यस्तरीय वार्षिक आध्यात्मिक सम्मलेन एवं नशा मुक्त हिमाचल अभियान का शुभारम्भ ब्रह्माकुमारिज परिसर, ओम शांति भवन में किया गया।

इस कार्यक्रम में भ्राता राजेश वर्मा एस डी एम् सुन्नी शिमला ग्रामीण वतौर मुख्य अतिथि और ब्रह्माकुमारीज धार्मिक प्रभाग की राष्ट्रिय अध्यक्षा ब्रह्माकुमारी मनोरमा बहन तथा अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन से पी.आर.ओ. [पोलिटिकल] वरिष्ठ राजयोगी भ्राता प्रकाश बतौर विशेष अतिथि मौजूद रहे।इसके अतिरिक्त अपरा पंजाब से वरिष्ठ राजयोगी भ्राता राकेश और भावानगर किन्नौर से डा० कुलदीप मेहता सहित हिमाचल प्रदेश से तीन बार रह चुके सांसद भ्राता सुरेश चंदेल, बहन सत्या वर्मा चेयरमैन नगर पंचायत सुन्नी, शहर के गणमान्य व्यक्ति तथा प्रदेश के कोने २ सेआये लगभग 450 भाई-बहनों ने भाग लिया। विशेष प्रयाग राज से पधारी मनोरमा बहन ने नशा मुक्त हिमाचल अभियान पर अपने सार गर्भित प्रवचन द्वारा सभागार का दिल लूट लिया। इस सम्मलेन के मुख्य अतिथि ने नशा मुक्त हिमाचल अभियान का ध्वज ब्रह्माकुमारी शकुन्तला बहन को सौंपते हुए कहा कि ब्रह्मा कुमारी बहनें आध्यात्मिकता द्वारा लोगों को नशे सहित अनेक बुराइयों से छोड़ने के लिए जो राजयोग का प्रशिक्षण गाँव २ में जा कर दे रही है वह निःस्संदेह प्रशंसनीय है। उन्होंने बहनों से आग्रह किया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जगह जगह गाँव 2 में आयोजित किये जाये तो हमारी युवा पीढी का जीवन बचाया जा सकता है।

ब्रह्मा कुमारीज मुख्यालय से पी.आर.ओ. [पोलिटिकल] वरिष्ठ राजयोगी भ्राता ब्रह्माकुमार प्रकाश ने वार्षिक सम्मलेन की सबको वधाई देते हुए नशा मुक्त होने के छोटे २ टिप्स दिए।भ्राता सुरेश चंदेल पूर्व सांसद ने सभी लोगों से आध्यात्मिक जीवन अपनाने का आग्रह किया।उन्होंने कहा की हम अपने स्तर पर जीवन में खुशी और शांति लाने के बहुत उपाय कर चुके हैं लेकिन ऐसा ऋषि मुनि भी नहीं कर पाए।केवल मैडिटेशन तकनीक से ही मन की शांति प्राप्त की सकती है।भ्राता राकेश ने अपने आध्यात्मिक जीवन के अनुभव सुना कर लोगों को चिंता मुक्त, भय मुक्त, ‘विकार मुक्त और व्यसन मुक्त होने के उपाय बताये।

वरिष्ठ राजयोगी भ्राता रेवा दास ने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल चिट्टा ही नहीं, शराब भी है जिससे हर वर्ष रोड एक्सीडेंट में लाखों लोग जान गवा रहे हैं। नशा धन-दौलत का, पद-पोस्ट पोजीशन का, सुन्दरता का, बाहुबली होने का, कुर्सी का और राज सत्ता का भी होता है। आज तो मोबाइल का भी नशा सबको हो गया है। लेकिन ब्रह्माकुमारीज का मानना है कि सबसे बड़ा और ख़राब नशा देह अभिमान का है जिससे यह भारत जो कभी स्वर्ग कहलाता था आज नरक बन गया है। बाकि नशा तो घर में सब नहीं करते हैं लेकिन यह देह अभिमान का नशा तो हर कोई चाहे किसी भी देश, जाति, धर्म, आयु अथवा वर्ग का हो वह इस देह अभिमान के नशे से बुरी तरह चूर हैं और यही सर्व दुखो का कारन है।कार्यक्रम के मध्य मंच पर दीप प्रज्जवलन की रस्म भी अदा की गई।अंत में मुख्य अतिथि और मंच परउपस्थित अतिथियों सहित अन्य शहर के गणमान्य व्यक्तियों को भी ईश्वरीय सौगात तथा प्रशाद वितरित किया गया। कार्यक्रम की समाप्ति पर सबको ब्रह्मा भोजन कराया गया।







