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भोरा कलां : ब्रह्माकुमारीज़ के पूर्व महासचिव राजयोगी बीके बृजमोहन की पुण्यतिथि पर स्नेहांजलि सभा

इस अवसर पर दो पुस्तकों का भी हुआ विमोचन
– भारत के रक्षा वैज्ञानिक डॉ. सेल्वामूर्ति और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

भोरा कलां ,हरियाणा।
ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के आधार स्तंभ एवं पूर्व महासचिव राजयोगी बीके बृजमोहन की पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को भोरा कलां स्थित ‘ओम शांति रिट्रीट सेंटर’ में भव्य स्नेहांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस भावुक और प्रेरणादायक कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथियों, संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों और हजारों श्रद्धालुओं ने उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस विशेष अवसर पर बीके बृजमोहन के उत्कृष्ट आध्यात्मिक लेखों के संकलन पर आधारित दो नई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।

– आध्यात्मिक शक्ति से ही भारत बनेगा विश्व गुरु: डॉ. सेल्वामूर्ति
कार्यक्रम में बीके बृजमोहन को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए भारत के प्रतिष्ठित रक्षा वैज्ञानिक डॉ. विलियम सेल्वामूर्ति ने कहा कि बृजमोहन भाई का व्यक्तित्व अत्यंत दूरदर्शी और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत था। उनके विचारों और जीवनशैली का समाज पर गहरा असर पड़ा। डॉ. सेल्वामूर्ति ने जोर देकर कहा कि केवल आध्यात्मिक सशक्तिकरण के माध्यम से ही भारत पुनः ‘विश्व गुरु’ के पद पर आसीन हो सकता है। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान सनातन संस्कृति की पुनर्स्थापना के इस महायज्ञ में अभूतपूर्व भूमिका निभा रहा है।

– कानूनी जटिलताओं के सहज समाधानकर्ता थे बीके बृजमोहन
सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता शाही कुमार ने बृजमोहन भाई के सूक्ष्म और स्पष्ट दृष्टिकोण को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि सीए की पृष्ठभूमि होने के कारण बृजमोहन भाई विधिक और प्रशासनिक बारीकियों को बहुत गहराई से समझते थे। संस्थान के समक्ष आने वाले कई जटिल से जटिल मामलों का वे क्षण भर में सहज और सटीक समाधान खोज लेते थे। उनकी सोच बेहद पारदर्शी और दूरगामी थी।

– गुणग्राही नेतृत्व और समर्पित जीवन
ओआरसी की निदेशिका बीके आशा दीदी ने अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि छात्र जीवन में सीए की पढ़ाई के दौरान ही बीके बृजमोहन का झुकाव अध्यात्म की ओर हुआ और उन्होंने स्वयं को ईश्वरीय सेवा में समर्पित कर दिया। मासिक पत्रिका ‘प्योरिटी’ के प्रधान संपादक के रूप में उनकी सशक्त लेखनी ने लाखों आत्माओं को सही दिशा दिखाई। वे एक पारखी नेतृत्वकर्ता थे, जो हर व्यक्ति की क्षमता और विशेषताओं को पहचान कर उन्हें सही कार्य में लगाते थे।

– वरिष्ठ राजयोगियों की उपस्थिति और संगीतमय श्रद्धांजलि
इस अवसर पर राजयोगिनी बीके शुक्ला दीदी, राजयोगिनी बीके चक्रधारी दीदी, राजयोगिनी पुष्पा दीदी, माउंट आबू से राजयोगी मोहन सिंघल, राजयोगिनी विजय दीदी, राजयोगिनी रुक्मिणी दीदी, राजयोगी भारत भूषण, बीके सुरेश गुप्ता, डॉ. रूप सिंह एवं बीके आनंद ने भी अपने उद्गार व्यक्त किए। सुप्रसिद्ध गायक बृजेश मिश्रा और चाँद बजाज ने अपने सुरीले गीतों के माध्यम से सभा को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन बीके सपना एवं बीके विधात्री द्वारा किया गया।

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