धागे वाली मिश्री को बनायें अपने लाइफ स्टाइल का हिस्सा

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धागा मिश्री गन्ने या ताड़ के रस से बनायी जाती है। यह सामान्य चीनी से कम मीठी एवं स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है। धागे वाली मिश्री के फायदे बहुत हैं इसलिए इसके औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद में इसका आदिकाल से प्रयोग किया जाता है। ये हमें किन-किन चीज़ों में फायदा दे सकता है इसके बारे में जानेंगे…

धागे वाली मिश्री के फायदे

नकसीर फूटने पर लाभ
गर्मी के कारण छोटे बच्चों के खेलते समय या धूप में ज्य़ादा रहने पर नाक से खून बहने लगता है। जिसे हम नकसीर कहते हैं ऐसे में धागे वाली मिश्री बड़ी उपयोगी होती है। नकसीर फूटने पर पानी में मिश्री मिलाकर पिलाने से शरीर का तापमान कम होता है एवं तत्काल लाभ होता है और नाक से खून बहता रूक जाता है।

दस्त में लाभ
धागे वाली मिश्री की तासीर ठंडी होने के कारण पेट की गर्मी की वजह से होने वाले दस्त में धागे वाली मिश्री के सेवन से राहत मिलती है। दस्त होने पर आधा चम्मच मिश्री, आधा चम्मच धनिया के साथ एक गिलास पानी में मिलाकर पीने से दस्त में आराम मिलता है। दस्त के कारण होने वाली कमज़ोरी भी दूर होती है।

कमज़ोरी दूर करने में उपयोगी
धागा मिश्री शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ाकर ऊर्जा के स्तर को बढ़ाती है व थकान के कारण होने वाली कमज़ोरी को दूर करती है। गांव में गर्मी के समय थकान होने पर तुरंत शक्ति के लिए मिश्री का शर्बत दिया जाता है। मिश्री वाला शर्बत पीते ही शरीर में जान-सी आ जाती है।

मानसिक थकान दूर करने में लाभकारी
धागे वाली मिश्री एक प्राकृतिक औषधि है जो दिमाग की कमज़ोरी को दूर करके याद्दाश्त बढ़ाने में मदद करती है। मिश्री का शीतल गुण होने के कारण सोते समय गर्म दूध के साथ सेवन दिमागी थकान को दूर करता है।

मुख की दुर्गंध दूर करने में
खाने के बाद सौंफ के साथ मिश्री का सेवन मुंह की दुर्गंध खत्म कर साँसों को खुशबूदार बनाता है।

वजन कम करने में फायदेमंद
वजन बढऩे का एक कारण शरीर में अंदर ज़हरीली टोक्सिन का जमाव है। जब हम समान मात्रा में मिश्री को धनिया या सौंफ के साथ गर्म पानी में मिलाकर पीते तो शरीर से यूरिन के साथ टोक्सिन भी बाहर निकलते हैं और वजन कम होता है।

मुंह के छालों में इलायची और मिश्री के फायदे
धागे वाली मिश्री की तासीर ठंडी होने के कारण यह पेट की गर्मी से हुए छालों को ठीक करने में बहुत उपयोगी है। मिश्री एवं इलायची को पीस कर पानी में घोल कर छालों पर लगाने से छाले ठीक होते हैं।

बवासीर में फायदेमंद
पेट की गर्मी से कब्ज रहने लगती है और उसका समय पर इलाज न हो तो वो बवासीर का रूप धारण कर लेती है जिसमें मल के साथ रक्त आता है या गुदा मार्ग से रक्त आता है। यह गुदा मार्ग के छालों के फट जाने के कारण होता है।
मिश्री की तासीर ठंडी होने के कारण यह छालों को सूखा देती है अत: मिश्री में नागकेसर व मक्खन मिलाकर खाने से बवासीर में राहत मिलती है।

हाथ-पैरों की जलन में लाभकारी
अत्यधिक गर्मी के कारण हाथ-पैरों के हथेली व तलवे में जलन होने लगती है। हाथ-पैरों पर मक्खन में मिश्री मिलाकर लगाने से जलन शान्त हो जाती है।

फायदेमंद है एनीमिया में
धागे वाली मिश्री खाने से हिमोग्लोबिन के स्तर में सुधार होने के कारण एनीमिया ठीक होता है साथ ही शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है।

सर्दी एवं ज़ुकाम में लाभकारी
मिश्री को धीरे-धीरे चूसने पर साइन की जकडऩ खत्म होती है एवं सर्दी-ज़ुकाम से राहत मिलती है।

बच्चों के लिए फायदेमंद
बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए गर्म दूध में मिश्री लेना बहुत फायदेमंद है।

बढ़ाती आँखों की रोशनी
धागे वाली मिश्री का नियमित सेवन आँखों की रोशनी बढ़ाता है और आँखों की रोशनी के साथ-साथ दिमाग भी तेज होता है।
अब तो आप सब भी जान गए होंगे कि छोटी-सी मिश्री की डली कितने गुणों की खान है तो आइये इसे हिस्सा बनाइये अपनी लाइफ स्टाइल का और रहें स्वस्थ और निरोगी।

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