छतरपुर,मध्य प्रदेश। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर वरिष्ठजनों के सम्मान एवं बच्चों और बुजुर्गों के बीच आपसी प्रेम, सम्मान और जुड़ाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Inter-Generation Bonding Activities (इंटर-जनरेशन बॉन्डिंग एक्टिविटीज) कार्यक्रम का आयोजन 30 सितंबर एवं 1 अक्टूबर 2026 को जिला चिकित्सालय परिसर, छतरपुर में किया गया
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी और वरिष्ठजनों के बीच बढ़ती दूरी को कम करना तथा परिवार में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और अपनत्व की भावना को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम में छतरपुर विधायक श्रीमती ललिता यादव, ब्रह्माकुमारी विद्यालय की छतरपुर सेवाकेंद्र प्रभारी एवं मुख्य वक्ता राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शैलजा बहन जी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अर्चना गुड्डू सिंह, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी उपसंचालक सामाजिक न्याय श्री कौशल सिंह, वरिष्ठ पत्रकार नवनीत जैन, पेंशनर्स एसोसिएशन संघ के अध्यक्ष श्री आर.एस. गोस्वामी, श्री बी.पी. सिंह तथा वरिष्ठ समाजसेवी श्री शंकर सोनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी विद्यालय की ओर से आज की युवा पीढ़ी में बढ़ती मोबाइल की लत तथा माता-पिता को वृद्धाश्रम भेजने जैसी सामाजिक समस्या पर आधारित भावपूर्ण नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की गई। प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों और युवाओं को अपने माता-पिता एवं वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, प्रेम और जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
इस नृत्य-नाटिका में शिवांशी, अंजलि, मुस्कान, इच्छा, उर्वशी, तनिष्का एवं वर्षा ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के अंतर्गत वरिष्ठजनों के लिए विभिन्न इंडोर खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। वरिष्ठजनों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। इसके बाद वरिष्ठजनों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।
कार्यक्रम के अगले चरण में वरिष्ठजनों के सम्मान में मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें वक्ताओं ने परिवार और समाज में वरिष्ठजनों की भूमिका तथा उनके अनुभवों के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शैलजा बहन जी ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों के बीच अच्छे रिश्ते और आपसी जुड़ाव बनाए रखने में माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि परिवार केवल साथ रहने से नहीं, बल्कि प्रेम, सम्मान, संवाद और भावनात्मक जुड़ाव से मजबूत बनता है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन परिवार की धरोहर हैं। उनके जीवन के अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। इसलिए बच्चों को वरिष्ठजनों के साथ समय बिताने, उनकी बात सुनने और उनके अनुभवों से सीखने के अवसर दिए जाने चाहिए।
मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें अनुमान नहीं था कि वरिष्ठजनों और नाती-पोतों के बीच की दूरी को कम करने के लिए इतना सुंदर और सार्थक कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में पहुंचकर उन्हें बहुत खुशी हुई। उन्होंने वरिष्ठजनों के सम्मान एवं उनके साथ भावनात्मक जुड़ाव को समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया और ऐसे कार्यक्रमों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
श्रीमती अर्चना सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी वरिष्ठजनों के सम्मान, परिवार में उनके महत्व तथा नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित अतिथियों द्वारा वरिष्ठजनों को शाल, श्रीफल एवं पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, सेवा और संवेदनशील व्यवहार से संबंधित शपथ दिलाई गई।
इसके पश्चात सामूहिक रूप से राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया और कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
कार्यक्रम का सफल संचालन सामाजिक न्याय विभाग के आई.ए. खान द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग के पंकज खरे, मयंक सैनी, श्रीमती शिवानी असाटी, श्री मुकेश प्रजापति, विशाल सोनी, ज्ञानेंद्र शिवहरे, राकेश रावत सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, वरिष्ठजन एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।










