– प्लेनरी सेशन सेकंड में रुस,जर्मनी से आए वक्ताओं ने रखे अपने विचार
– सह निर्माण से नई दुनिया का निर्माण विषय पर हुआ आयोजन
आबू रोड,राजस्थान। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में चल रहे चार दिवसीय वैश्विक शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन रविवार को सुबह के सत्र में जर्मनी, रुस से आए वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। सह निर्माण से नई दुनिया का निर्माण विषय पर आयोजित इस सेशन में रूस में ब्रह्माकुमारीज़ की निदेशिका राजयोगिनी बीके चक्रधारी दीदी ने कहा आप विश्व की विशिष्ट आत्माएं हैं। प्रत्येक व्यक्ति का अनेक लोगों से संपर्क-संबंध होता है। आप तीन दिन से जो यहां सुन रहे हैं, वह श्रेष्ठ मान्यताएं और किसी अन्य तक अवश्य पहुंचाएं। आज संसार में चारों ओर झगड़े और लड़ाइयां हैं। प्रकृति अपना प्रकोप दिखा रही है। ये देखकर हम संसार की हालत समझ सकते हैं। यह सब देखकर हमको लगता है दुनिया का रूप बदलना चाहिए। दुनिया में प्यार हो, भाईचारा हो, सहयोग हो।

जर्मनी से आए पर्यावरण कार्यकर्ता एवं बीके गोलो जे. पिल्ज़ ने कहा कि वर्ष 2009 से ब्रह्माकुमारीज़ संयुक्त राष्ट्र के अधिकांश जलवायु सम्मेलनों के साथ संयुक्त राष्ट्र के अन्य सम्मेलनों में भी भाग ले रही है। इन सम्मेलनों में प्लास्टिक-मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं। आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखें, तो इस समस्या के समाधान का एक हिस्सा स्वयं के साथ हमारे संबंध में निहित है। इसका संबंध हमारी आंतरिक अच्छाइयों, मूल्यों और नैतिकता से है।

आज दुनिया बहुत कठिन दौर से गुजर रही है-
भारत सरकार पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक आईएएस सुमन बिल्ला ने कहा कि आज दुनिया बहुत कठिन दौर से गुजर रही है। वर्तमान समय में ऐसा प्रतीत होता है कि जिसकी लाठी, उसकी भैंस’ का सिद्धांत स्थापित हो रहा है। कुछ देश अपने संकीर्ण राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं और वैश्विक शांति तथा मानवता के सिद्धांतों को बनाए रखने की दिशा में पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं। हम ऐसे दौर से भी गुजर रहे हैं, जिसमें आर्थिक व्यवस्था तेजी से बदल रही है। इससे पूरी दुनिया में किसी न किसी रूप में असंतोष बढ़ रहा है।

ब्रह्माकुमारीज़ ने मेरे जीवन को बदला है-
जयपुर से आए सुप्रसिद्ध ज्योतिषी लवभूषण ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ ने मेरे जीवन को बदला है। आश्रम की दीदियां हमेशा कहती थीं कि आप हमेशा मुस्कुराइए, चाहे कैसी भी परिस्थिति हो। आज मेरे चेहरे पर जो मुस्कान है, वह ब्रह्माकुमारीज़ की देन है। 90 वर्षों की यात्रा में ब्रह्माकुमारीज़ ने जो किया है, उसके लिए पूरा विश्व आपका ऋणी रहेगा। जब मैंने यहां शांतिवन में पहला कदम रखा, मेरे रौंगटे खड़े हो गए। मेरी आंखों से आंसू आ गए। मैंने संकल्प लिया कि हमेशा यहां आऊंगा और भी लोगों को यहां से जोड़ने का प्रयास करूंगा।

प्राकृतिक खेती के लिए ब्रह्माकुमारीज़ के साथ किया एमओयू-
सरदार कृषिनगर विश्वविद्यालय दंतीवाड़ा गुजरात के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि पिछले एक दशक से प्राकृतिक खेती मेरा विषय रहा है। ब्रह्माकुमारीज़ के माध्यम से विश्व परिवर्तन की बात हो रही है। हमें भूमि का भी परिवर्तन करना है। जिस तरह से हमारे संस्कारों का हृास हुआ है। उसका असर सब तरफ पड़ा है। ब्रह्माकुमारीज़ के फार्मिंग को देखकर अत्यंत आनंदित हुआ। बिना कीटनाशक के प्राकृतिक खेती यहां हो रही है। हमने ब्रह्माकुमारीज़ के साथ एमओयू किया है। यहां के साधना और राजयोग के प्रयोग हम भी करेंगे। पूरे देश को शुद्ध, स्वस्थ और सात्विक भोजन उपलब्ध करवाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

विश्व बदलने के पहले हमें स्वयं को बदलना होगा-
जोधपुर के कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. वीएस जाटावत ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ विश्व में मानव मूल्यों का संदेश पहुंचा रही है। एक शिक्षाविद् के रूप में मानता हूं कि शिक्षा और आध्यात्मिकता एक-दूसरे के पूरक हैं। छात्रों को केवल तकनीक की जानकारी ही नहीं बल्कि मानवता और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना है। तीन दिन के राजयोग के अनुभव ने हमें यह सिखाया है कि विश्व बदलने के पहले हमें स्वयं को बदलना होगा।





इन्होंने भी किया संबोधित-
संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके शशि दीदी, दिल्ली की क्षेत्रीय निदेशिका राजयोगिनी बीके पुष्पा दीदी, गुवाहाटी के एएम टेलीविजन एंड सिनेमा एवं पराग न्यूज़ के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. संजीव नारायण, मुंबई के वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अशोक मेहता, नोएडा से आए वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम राय, लव माय इंडिया, वाटर कम्युनिकेशंस एवं अर्थ फिल्म्स, संस्थापक वंदना सेठी, वैज्ञानिक एवं अभियंता प्रभाग के अध्यक्ष बीके मोहन सिंघल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। ग्लोबल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के चिकित्सा निदेशक एवं अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. बीके प्रताप मिड्ढा ने स्वागत भाषण दिया। संचालन ज्ञान सरोवर की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके सुमन बहन ने किया। आभार डॉ. सतीश गुप्ता ने माना। इस दौरान ग्लोबल हॉस्पिटल माउंट आबू की डॉक्टर्स, नर्स की टीम ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।











