रीवा, मध्य प्रदेश। ब्रह्मा कुमारीज़ आश्रम में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजयोगिनी बी.के. निर्मला दीदी ने की, जबकि मुख्य अतिथि डॉ. सुनीता पांडे टीकर (प्रिंसिपल एवं यूथ हॉस्टल की चेयरमैन) रहीं। उन्होंने अपने जीवन के भावपूर्ण अनुभव साझा किए, जिससे सभी श्रोता भाव-विभोर हो उठे।
इस अवसर पर डॉ. निशा पटेल (वेटनरी डॉक्टर), जगन्नाथ साहू (सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी) और दिव्य नगरी के मैनेजर आर.बी. पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। आश्रम के भाई-बहन एवं नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और गरिमामय बना दिया।
कार्यक्रम का मुख्य विषय था – “नए भारत के नव निर्माण में शिक्षक की भूमिका”। सभी वक्ताओं ने शिक्षा और गुरुजनों के महत्व पर विचार रखे। निर्मला दीदी ने कहा कि परम शिक्षक, परम पिता परमात्मा ही सबसे महान शिक्षक हैं, जिन्होंने मानव जीवन को नरक मयी से स्वर्ग मयी बनाया।
समापन सत्र में पूर्व शिक्षक रूपकुमार पुरवार जी ने आभार प्रदर्शन किया और बी.के. प्रमोद भाई ने नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा कराई। अतिथियों का स्वागत-सम्मान किया गया तथा आश्रम की प्रेरणादायी पुस्तक “हीरे तुल्य जीवन कैसे बने” समर्पित की गई। अंत में सभी प्रतिभागियों का सामूहिक समूह फोटो लिया गया। पूरा आयोजन प्रेरणादायी, उत्साहवर्धक और अविस्मरणीय रहा।













